भारत में अब नहीं होगा नेपाल गोरखा सैनिकों की भरती
दिल्ली 27 जुलाई
भारत में नेपाल के राजदूत शंकर प्रसाद शर्मा ने सोमवार को कहा कि नेपाल से गोरखाओं की अग्निपथ योजना के तहत भारतीय सेना में भर्तियों को ‘‘रोक’’ दिया गया है लेकिन अभी मामला समाप्त नहीं हुआ है। शर्मा ने यहां संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि फिलहाल दोनों देशों की सरकारों के बीच इस मुद्दे पर कोई ‘‘गंभीर बातचीत’’ नहीं हो रही है। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि इस पर मामला बंद हो गया है। भारत ने अग्निपथ पर कोई तंत्र विकसित किया है और नेपाल से भर्ती के लिए उसी तंत्र का इस्तेमाल करना चाहेगा। नेपाल कुछ और कह रहा है। हम पुरानी प्रणाली चाहते हैं। बस यह मसला है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ये अभी बंद नहीं हुआ है लेकिन मैंने दोनों देशों के बीच कोई गंभीर बातचीत होते नहीं देखी तो मैं बस यह कहूंगा की यह रूका हुआ है।’’
भारतीय सेना करती रही है गोरखाओं की भर्ती
अभी तक भारतीय सेना गोरखाओं की भर्ती करती रही है। ये नेपाली सैनिक पहाड़ों में चढ़ने में बहुत माहिर होते हैं। मिनटों सेकेंडों में वह ऊंचे-ऊंचे पहाड़ों पर चढ़ जाते हैं। भारतीय सेना में अलग से बकायदे गोरखा रेजीमेंट बना हुआ है। यह अब तक भारत-नेपाल के पुराने रिश्ते और भरोसा का भी प्रतीक है। मगर अब भारत ने नेपालियों की अग्निवीर योजना में भर्ती लेना बंद कर दिया है। (भाषा)


