बाबा विश्वनाथ से पशुपतिनाथ की नगरी फिर जुड़ेगी,भारत-नेपाल मैत्री बस सेवा होगी बहाल
वाराणशी 14 अगस्त
भारत-नेपाल मैत्री बस सेवा सावन बाद बहाल होगी। इससे गोरखपुर व सोनौली बार्डर के यात्रियों को भी सहूलियत मिलेगी। रोडवेज अधिकारियों के अनुसार, काठमांडो परिवहन निगम से बात हुई है। सावन बाद एसी बस सेवा के संचालन पर मुहर लगी है। वाराणसी परिक्षेत्र के क्षेत्रीय प्रबंधक गौरव वर्मा ने बताया कि काठमांडो परिवहन के अधिकारियों से बात हुई है। परमिट का नवीनीकरण किया जा रहा है।
अगले माह से बस सेवा बहाल हो जाएगी। वाराणसी के रास्ते गोरखपुर, सोनौली होते हुए बस काठमांडो तक जाएगी। वॉल्वो या स्कैनिया बस चलाई जाएगी। टिकटों की बुकिंग ऑनलाइन होगी। बस के अंदर भी टिकट मिल सकेगा।
करीब 16 घंटे का होगा सफर
बाबा विश्वनाथ से पशुपतिनाथ की नगरी फिर जुड़ेगी। रोडवेज अधिकारियों के अनुसार, कैंट बस स्टेशन वाराणसी से काठमांडो तक जाने वाली बस रोजाना रात दस बजे रवाना होगी। काठमांडो में दूसरे दिन दोपहर एक से दो बजे के बीच बस पहुंचेगी। काठमांडो से भी यही समय रहेगा। किराया प्रति व्यक्ति अनुमानित 1800 से 1900 रुपये के बीच होगा। बस संचालन के समय किराये की दर में बदलाव संभव है।
2022 से बस सेवा पूरी तरह बंद
वर्ष 2015 में वाराणसी-काठमांडो मैत्री बस सेवा शुरू की गई थी। यात्रियों ने इसे पसंद किया था। टिकट की अच्छी बुकिंग हो रही थी। इस बीच वर्ष 2018 में परमिट नवीनीकरण का पेंच फंस गया। इससे बस का संचालन रोक दिया गया। बाद में कोरोना संकट आया और लॉकडाउन की वजह से बस सेवा बंद कर दी गई। नेपाल ने 17 नवंबर 2021 में दोबारा बस सेवा शुरू की थी। 2022 में यह सेवा पूरी तरह बंद कर दी गई।

