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भारत में नेपाल के नए राजदूत के लिए निश्चलनाथ पाण्डे की सिफारिश, जानिए उनका परिचय

 

काठमांडू।

नेपाल सरकार ने शुक्रवार को निश्चलनाथ पाण्डे को भारत में नेपाल का नया राजदूत नियुक्त करने के लिए सिफारिश की है। अब उनका नाम संसदीय सुनवाई के लिए भेजा जाएगा। सुनवाई पूरी होने और भारत सरकार से अग्रिमो (Agrément) मिलने के बाद राष्ट्रपति द्वारा उनकी औपचारिक नियुक्ति की जाएगी।

निश्चलनाथ पाण्डे की पहचान मुख्यतः एक शिक्षाविद, शोधकर्ता और विदेश नीति विशेषज्ञ के रूप में रही है। हालांकि नेपाल की राजनीति में उन्हें पूर्व विदेश मंत्री रमेशनाथ पाण्डे के पुत्र के रूप में भी जाना जाता है।

पूर्व विदेश मंत्री रमेशनाथ पाण्डे के पुत्र

रमेशनाथ पाण्डे नेपाल के राजनीतिक और कूटनीतिक इतिहास के एक महत्वपूर्ण दौर के प्रमुख व्यक्तियों में रहे हैं। बहुदलीय लोकतंत्र की पुनर्स्थापना के बाद ही नहीं, बल्कि राजा ज्ञानेन्द्र के प्रत्यक्ष शासनकाल में भी उन्होंने प्रभावशाली राजनीतिक भूमिका निभाई।

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उन्होंने सूचना एवं संचार सहित कई मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली और नेपाल के विदेश मंत्री भी रहे। माओवादी सशस्त्र संघर्ष, राजा के प्रत्यक्ष शासन, राजनीतिक दलों पर नियंत्रण और अंतरराष्ट्रीय दबाव के दौर में वे नेपाल की विदेश नीति का प्रमुख राजनीतिक चेहरा थे। उनके राजनीतिक जीवन की एक विशेष पहचान राजा ज्ञानेन्द्र के साथ उनकी निकटता भी रही।

राजनीति नहीं, अकादमिक क्षेत्र को चुना

निश्चलनाथ पाण्डे ने अपने पिता की तरह सक्रिय राजनीति का रास्ता नहीं अपनाया। वे न सांसद बने, न मंत्री और न ही किसी दलगत राजनीति में शामिल हुए। उन्होंने अध्ययन, शोध और नीति विश्लेषण को अपना कार्यक्षेत्र बनाया।

उन्होंने त्रिभुवन विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पीएचडी और कानून में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है। लंबे समय से वे नेपाल की विदेश नीति और दक्षिण एशियाई मामलों के विशेषज्ञ के रूप में सक्रिय हैं।

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विदेश नीति और दक्षिण एशिया के विशेषज्ञ

वर्तमान में निश्चलनाथ पाण्डे सेंटर फॉर साउथ एशियन स्टडीज़ के निदेशक हैं। इससे पहले वे नेपाल के विदेश मंत्रालय के अंतर्गत इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेन अफेयर्स के कार्यकारी निदेशक भी रह चुके हैं।

पिछले दो दशकों से वे दक्षिण एशिया की राजनीति, भारत और चीन के बीच शक्ति संतुलन तथा नेपाल की रणनीतिक स्थिति पर नियमित रूप से लेखन और विश्लेषण करते रहे हैं।

अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक अनुभव

निश्चलनाथ पाण्डे कई अंतरराष्ट्रीय संस्थानों से भी जुड़े रहे हैं। वे—

  • भारत के बेंगलुरु स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड स्टडीज़ में मानद सह-प्राध्यापक रहे हैं।

  • सिंगापुर के नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर के अंतर्गत इंस्टीट्यूट ऑफ साउथ एशियन स्टडीज़ में नॉन-रेजिडेंट सीनियर फेलो हैं।

  • जर्मनी के SWP (जर्मन इंस्टीट्यूट फॉर इंटरनेशनल एंड सिक्योरिटी अफेयर्स) तथा ब्रिटेन के यूनिवर्सिटी ऑफ हल में भी उन्होंने शोध कार्य किया है।

दिल्ली उनके लिए नया नहीं

यदि उनकी नियुक्ति पूरी होती है, तो दिल्ली उनके लिए कोई अपरिचित जगह नहीं होगी। भारत और दक्षिण एशिया पर लंबे समय से शोध और संवाद के कारण उनकी पहचान भारतीय रणनीतिक और अकादमिक हलकों में पहले से मौजूद है। साथ ही, उनके पिता रमेशनाथ पाण्डे की राजनीतिक और कूटनीतिक पृष्ठभूमि के कारण भी उनका नाम भारत के नीति-निर्माण से जुड़े कई लोगों के लिए परिचित माना जाता है।

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