नेपाल -भारत की खुली सीमा पर निगरानी आवश्यक -वक्तागण
जनकपुरधाम/मिश्रीलाल मधुकर। भारत-नेपाल की खुली सीमा पर निगरानी की आवश्यकता है। उपयुक्त बातें जनकपुरधाम में आयोजित नेपाल -भारत खुला सीमा द्वारा आयोजित नेपाल -भारत खुला सीमा संवाद द्वारा आयोजित अंतर संबाद में वक्ताओं ने अपनी अपनी धारणाएं रखी। वक्ताओं ने कहा कि प्राचीन काल से नेपाल तथा भारत के बीच रोटी बेटी का संबंध है। लेकिन खुला सीमा होने से दोनों देशों के बीच लाख चौकसी के बाद भी असमाजिक तत्वों का दोनों देशों के बीच घुसपैठ हो ही जाता है। नेपाल से शराब की तस्करी हो रही है तो भारत से नशीली सूई, टेबलेट की हो रही है।
आज नेपाल के युवा सीमा पार से नशीली दवा का लाकर सेवन करते हैं।यह चिंता का बिषय हैं। विचार गोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि नेपाली जनता द्वारा भारतीय बाजार से जरुरत सामान को दोनों देशों के सुरक्षाकर्मियों द्वारा वेवजह तंग करने,चूरे पर्वत के विनाश, भारतीय बाहन को नेपाल की सीमावर्ती शहरों तक विना शुल्क का प्रवेश करने, दोनों देशों की जनता को एक दुसरे देशों में सहजीकरण सहित कई बिन्दुओं पर चर्चा हुई। कार्यक्रम में मधेश प्रदेश के श्रम तथा यातायात मंत्री चंदन सिंह, श्री कुशवाहा पूर्व मंत्री तथा विधायक राम सरोज यादव, बिधायक दीपेन्द्र ठाकुर, तमलोपा के कार्यवाहक अध्यक्ष डा.विजय कुमार सिंह, जनकपुरधाम के मेयर मनोज कुमार साह, भारतीय बाणिज्य महादूतावास वीरगंज के बाणिज्य दूत शैलेन्द्र कुमार,नेकपा माओवादी के धनुषा जिला अध्यक्ष विजय शंकर नायक सहित कई लोगों ने बिचार रखें। नेपाल -भारत खुला सीमा संवाद समूह के अध्यक्ष राजीव झा की अध्यक्षता में संपन्न इस कार्यक्रम में दोनों देशों की सीमा समस्या को ज्ञापन पत्र बाणिज्य दूत को सौंपा गया।


