आज विद्या की देवी माँ सरस्वती की पूजा अर्चना
काठमांडू, फगुन २ – सरस्वती पूजा हिंदुओं के प्रमुख त्योहारों में से एक है । माँ सरस्वती को विद्या की देवी माना गया है । वैसे तो सभी इस पूजा में बढ़–चढ़कर हिस्सा लेते हैं लेकिन असली रुप में इसे विद्यार्थी मनाते हैं । इस दिन सबसे ज्यादा चहल–पहल विद्यालयों में होती है । और इस एक दिन के लिए विद्यालयों में विद्यार्थी कई दिनों से तैयारी करते हैं । यह पूजा काफी धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है हिंदू धर्म में । माँ सरस्वती ज्ञान की देवी हैं । तो बहुत श्रद्धा के साथ बच्चे और बड़े इस त्योहार को मनाते आ रहे हैं ।
ऐसा माना जाता है कि इस दिन अगर आप अपने घर में माता सरस्वती की पूजा करते हैं तो आपके घर में ज्ञान का तेजी के साथ प्रचार होगा और आप को ज्ञान की प्राप्ति भी होगी ।
इस पूजा की रौनक देखते ही बनती है स्कूल और कॉलेजों में । वैसे तो समय के साथ इस पूजा में भी बहुत परिवत्र्तन हुए हैं । विद्यालयों में तो पूजा पाठ होते ही थे । साथ ही प्रत्येक गली– मोहल्लें में मूर्ति बनती थी । पूरे मोहल्ले के बच्चे एकत्रित होकर प्रेमपूर्वक इसे मनाते थे । पूजा के दौरान सभी छात्र अपनी किताबें माता सरस्वती के चरणों में अर्पित करते थे । एक अजीब विश्वास होता था कि किताब कॉपी रखेंगे तो माँ की विशेष कृपा और आर्शीवाद मिलेगी । इससे उनके ज्ञान में वृद्धि होगी और वह अपने करियर में सफलता को प्राप्त कर पाएंगे । इस दिन बहुत तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रम भी किए जाते थे । अब वो माहौल नहीं रहता है इस दिन । भसान के दिन लोग बेहाल रहते थे । अबीर, लाल गुलाल चेहरे पर लगाए सरस्वती माता विद्या दाता के नारे के साथ पूरा गाँव या कहे पूरा शहर गूँजता था ।
वैसे तो इस बात की चर्चा कहीं नहीं की गई है कि कब और कैसे इस पूजा की शुरुआत हुई लेकिन इतना तय है कि माँ सरस्वती की पूजा हमेशा से की जा रही होगी । कारण स्पष्ट है कि है ही विद्या की देवी । और इस विद्या की जरुरत सभी कालों में, सभी को होती आई है ।
इसके अलावा सरस्वती पूजा को बसंत पंचमी के नाम से भी जाना जाता है और यह पूजा विशेष तौर पर फरवरी में मनाई जाती है उस समय मौसम बसंत का होता है ।
ऐसा कहा जाता है कि शिक्षा ग्रहण करने वाले विद्यार्थी अगर माता सरस्वती की पूजा इस दिन करेंगे तो उन्हें अपार ज्ञान की प्राप्ति होगी और उनके जीवन में समृद्धि और यश भी आएगा । ऐसे तो माता सरस्वती की पूजा हमें नियमित रूप से करनी चाहिए लेकिन सरस्वती पूजा के दिन की पूजा को करना काफी विशेष होता है ।

