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तराई पर शासन करने का अधिकार नेपाली को नहीं सी.के.राउत

 

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श्वेता दीप्ति, काठमाणडू , १५ सितम्बर । डा। सी।के।राउत को आगामी शुक्रवार गिरफ्तारी के लिखित कारण के साथ सर्वोच्च में पेश करने के लिए कहा गया है । राउत पर सार्वजनिक ऐन की तहत मुकदमा चलाने की बात है । इस गैरकानूनी रूप से हुए गिरफ्तारी का हर ओर से विरोध हो रहा है । मधेश और मधेशी के लिए जहाँ यह घटना खास है वहीं काठमान्डू से प्रकाशित प्रतिष्ठित समाचार पत्रों आदि ने हर बार की तरह मधेश से जुड़े इस समाचार को कोई खास तवज्जो नहीं दिया है । हाँ संजाल पर मधेशी भावनाओं को भड़काते अभद्र कमेन्टस की भरमार जरुर दिख रही है ।

बहरहाल डा। राउत की गिरफ्तारी की चर्चा देश विदेश में भी जोर पकड़ रही है । तराई मानव अधिकार रक्षक संजाल ने संयुक्तराष्ट्र संघीय मानव अधिकार आयोग के उच्च कार्यालय जेनेवा का ध्यान इस ओर आकर्षित कराया है । मधेश मानव अधिकार गृह९कपिलवस्तु० एवं मधेश मीडिया सोसाइटी की ओर से विरोध में विज्ञप्ति जारी की गई है । जगह जगह पर गृहमंत्री का पुतला दहन किया जा रहा है । एक बार फिर मधेश सुलग रहा है । खबर है कि राजविराज में प्रदर्शन के क्रम में पुलिस के साथ झड़प में तीन लोग घायल हो गए हैं साथ ही तीन लोगों को पुलिस ने हिरासत मे लिया है । स्थानीय समाचार पत्रों में आक्रोश के साथ दूसरे आन्दोलन की चेतावनी प्रकाशित हो रही है । राजविराज के साथ(साथ जनकपुर, नवलपरासी और मधेश के अधिकाशं जिल्ला मे राउत की रिहाई की माग करते हुये प्रदर्शन होरहा है ।

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राउत को मन्त्रिपरिषद के निर्णय के बाद ही गिफ्तार किया गया है । गृहमन्त्री बामदेव गौतम ने आइजिपि उपेन्द्रकान्त अर्याल को राउत को गिरफ्तार करने का तत्काल निर्देशन दिया था यह जानकारी सप्तरी जागरण अनलाइन ने दी है ।
राउत के ऊपर राष्ट्रीय अखण्डता के खिलाप क्रियाकलाप करने का आरोप लगाकर प्रहरी व्दारा मुद्धा चलाने की तैयारी हो रही है । बहुत ही कडी सुरक्षा घेरा के बीच कैद मे रहे राउत ने वहाँ के अनलाइन के प्रतिनिधि से संक्षिप्त बात करते हुये कहा कि –“ मेरा यह अहिसांत्मक आन्दोलन है कुछ संचार माध्यम व्दारा गलत एवं झूठा समाचार सम्प्रेशण करके मेरी चरित्र हत्या करने का प्रयास किया जा रहा है । मै गौतम बुद्ध, महात्मा गान्धी और नेल्शन मण्डेला को साक्षी रखकर आन्दोलन शुरु किया हूँ । मेरी मांग अलग तराई देश ही है , तराई पर शासन करने का अधिकार नेपाली शासक वर्ग कोे नही है । ”
काठमाण्डौ मे सेप्टेम्बर १६ से होने वाले नेपाल – भारत के सांसदों का महासेतु संगम कार्यक्रम मे जाने से बञ्चित करने के लिये राज्य ने मुझे गरफ्तार किया है । राउत ने कार्यक्रम की सफलता के लिये शुभकामना सन्देश पहुँचा देने का भी आग्रह किया है ।

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