अफगानिस्तान में महिलाएं ऊंची आवाज में बोल और पढ़ाई नहीं कर सकती,अपने चेहरे समेत पूरा शरीर ढकना अनिवार्य
काबुल
अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने बुराई और सदाचार पर नया कानून बनाया है। इस कानून के तहत अब महिलाओं अपना चेहरा खुला नहीं रख सकती हैं। उन्हें अपना पूरा शरीर ढकना होगा। यहां तक महिलाएं ऊंची आवाज में बोल और पढ़ाई भी नहीं कर सकती हैं।
2021 में अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे के बाद इस कानून को बनाया गया था। मगर लागू अभी किया गया है। इस कानून का उल्लेख 114 पृष्ठ के दस्तावेज में है। एसोसिएटेड प्रेस ने इन दस्तावेजों का अध्ययन किया। बता दें कि अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे के बाद यह सदाचार कानूनों की पहली औपचारिक घोषणा है। बुधवार को सर्वोच्च नेता हिबतुल्लाह अखुंदजादा ने कानूनों को मंजूरी दी।
मंत्रालय के प्रवक्ता मौलवी अब्दुल गफर फरूक ने कहा, “इंशाल्लाह हम आपको आश्वासन देते हैं कि यह इस्लामी कानून सदाचार को बढ़ावा देने और बुराई को खत्म करने में बहुत मददगार होगा। अनुच्छेद 13 महिलाओं से जुड़ा है। इसमें बताता गया है कि एक महिला को कैसे कपड़े पहनने चाहिए और सार्वजनिक रूप से कैसे व्यवहार करना चाहिए। अब महिलाओं के लिए सार्वजनिक स्थानों पर हर समय अपने चेहरे समेत पूरा शरीर को ढकना अनिवार्य है, ताकि वे दूसरों को लुभा न सके।
अफगानिस्तान में महिलाएं अब आम इस्लामी हिजाब भी नहीं पहन सकेंगी। दरअसल, हिजाब से सिर्फ सिर, बाल और गर्दन ढकता है। मगर चेहरा खुला रहता है।तालिबान सरकार ने महिलाओं को सार्वजनिक स्थानों पर गाने सुनाने और जोर से पढ़ने पर भी प्रतिबंध लगा दिया है। दरअसल, तालिबान ने महिलाओं की आवाज को अंतरंग माना है। कानून में यह भी कहा गया है कि महिलाएं उन पुरुषों को नहीं देख सकतीं जिनसे उनका रक्त या विवाह से कोई संबंध नहीं है।अगर कोई महिला कानूनों को तोड़ती है तो उसकी संपत्ति जब्त की जा सकती है। तीन दिन तक हिरासत में रखा जा सकता है।

