पतंजलि पर नई मुसीबत
नई दिल्ली 31 अगस्त, हि स । ऐसे पतंजलि का विवादों से तो पुराना नाता है लेकिन मौजूदा विवाद इसके दिव्य दंतमंजन को लेकर है। दिल्ली उच्च न्यायालय ने इसको लेकर पतंजलि के नाम एक नोटिस जारी किया है। यह मामला पतंजलि की ओर से दंतमंजन को लेकर एक दावे से जुड़ा है कि यह शाकाहारी पदार्थ से युक्त है लेकिन इस मामले में याचिकाकर्ता यतिन शर्मा का कहना है कि समुद्री मछली के अंश मिले हुए हैं। शर्मा के अनुसार इस उत्पाद पर हरा डॉट लगा है जो इसके शाकाहारी उत्पाद होने का संकेत है जबकि इसमें समुद्री फेन का उपयोग किया जाता है जिसमें मछली के अंश मिले होते हैं। न्यायालय ने इस मामले में सभी पक्षकारों को नोटिस जारी करते हुए अगले 28 नवंबर की तारीख मुकर्रर की है।
इससे पूर्व पतंजलि से जुड़े आचार्य बालकृष्ण के मामले में उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने कहा था कि आवेदक पर आरोप है कि पासपोर्ट प्राप्त करने के लिए उसने फर्जी प्रमाण-पत्र का सहारा लिया जबकि कहा गया है कि जिस संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय से प्रमाण पत्र जारी करने की बात बताई गई है उसके कुलपति ने इस बात से इनकार किया था कि इस नाम के किसी व्यक्ति को विश्वविद्यालय ने आचार्य होने का प्रमाण-पत्र जारी किया था।
उल्लेखनीय है कि भारतीय जांच एजेंसी केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने 2011 के दौरान आचार्य बालकृष्ण के खिलाफ फर्जी प्रमाण-पत्र समर्पित कर भारतीय पासपोर्ट प्राप्त करने का मामला दर्ज किया था। यही नहीं, सीबीआई ने तो यहां तक कहा था कि बालकृष्ण नेपाल के निवासी हैं और उन्होंने धोखाध़ड़ी से पासपोर्ट हासिल किया।


