मधेश के लिए जेल तो क्या फाँसी पर चढ जाउँगा : सी के राउत
विनयकुमार, काठमाण्डू, २४ नवम्बर , २०१४ । अन्तत: डा सी के राउत आज जेल से बाहर हो गये । विशेष आदालत में अपनी जमानत के पैसे जमा करने के बाद उन्हे रिहा किया गया । २०० से भी ज्यादा लोगों की उपस्थिति में सी के राउत ने फिर अपने वही पुराने अन्दाज मे गरजते हुये भाषण दिया । तालियों की गरगराहट में राउत ने कहा कि कुछ अवसरवादियों ने हमारे आन्दोलन को दिगभ्रमित करने का प्रयास किया । लोगों के बीच गलत भ्रम फैलाकर आन्दोलन को बदनाम करने की साजिश की गई । उस भ्रम को तोडने के लिये ही मैंने जेल से बाहर निकलने का फैसला लिया । जेल जाने से मेरा आत्मबल पहले से भी कहीं ज्यादा बढा है और मै अपने को ताकतवर महसूस कर रहा हूँ । मधेश के प्रति हमारी निष्ठा और गहरी हो गई है । आनेवाले दिनों मे हमारा आन्दोलन और भी तीव्र गति से आगे बढेगा ।
‘तरुणी हेर्नलाई ठमेल जानु र राज्य नागेंको हेर्न लाई जेल जानु‘ इसी पुरानी कहावत की सत्यता को देखने के लिये मै जेल गया था और नगां रूप देखकर वापस आया हूँ । न्याय पाने के लिये मै अपनी आखिरी सांस तक लडता रहूंगा । मधेश के लिए जेल तो क्या फाँसी पर चढ जाउँगा । अब मेरा काम आगे बढने का है और मैं बढता ही रहूगां ।
अभी थोडी देर पहले राउत ने अपना फेसबुक स्टेटस अपडेट करते हुये लिखा है–
‘‘अभी-अभी जेल से निकला हूँ, मधेशी जनताको लाख-लाख नमन !! मंसीर १० गते बुधबार १२:०० बजे काठमांडू रत्नपार्क की सभा मेंआप सबसे मिलने की आशा करता हूँ…हमारा यह पूर्वनिर्धारित सभा/कार्यक्रम किसी भी हालत में होगा ही..”

