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सत्तारूढ़ गठबंधन में दरार, कांग्रेस के प्रमुख नेताओं की बैठक से अनुपस्थिति

 

काठमांडू, 17 अप्रैल 2025 । प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली द्वारा बुलाई गई उच्चस्तरीय राजनीतिक समन्वय समिति की बैठक कांग्रेस के शीर्ष नेताओं की अनुपस्थिति के कारण औपचारिकता मात्र बनकर रह गई। कांग्रेस उपसभापति पूर्णबहादुर खड्का और महासचिव गगन थापा बैठक में नहीं पहुंचे, जिससे गठबंधन के भीतर चल रही असहमति और स्पष्ट हो गई है।

बैठक में कांग्रेस की ओर से पार्टी अध्यक्ष शेरबहादुर देउवा, गृहमंत्री रमेश लेखक और विदेश मंत्री आरजु राणा देउवा मौजूद रहे। वहीं, एमाले से प्रधानमंत्री ओली के अलावा वरिष्ठ उपाध्यक्ष ईश्वर पोखरेल, महासचिव शंकर पोखरेल, वित्तमंत्री विष्णु पौडेल और प्रधानमंत्री के राजनीतिक सलाहकार विष्णु रिमाल ने भाग लिया।

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गृहमंत्री लेखक के अनुसार, उपसभापति खड्का स्वास्थ्य कारणों से बैठक में शामिल नहीं हो सके, जबकि गगन थापा पार्टी कार्यक्रम के सिलसिले में बारा गए थे। बैठक के समय वे काठमांडू लौट चुके थे, लेकिन उन्होंने बालुवाटार न जाकर सीधे अपने घर जाना चुना और मोबाइल भी बंद रखा।

सूत्रों के अनुसार, थापा को कई बार संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन वे बैठक में शामिल नहीं हुए, जिससे गंभीर मुद्दों पर कोई ठोस चर्चा नहीं हो सकी।

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प्रधानमंत्री ओली ने यह बैठक कांग्रेस अध्यक्ष देउवा से मंगलवार को हुई बातचीत के बाद बुलाई थी, जिसमें शिक्षक आंदोलन, राज्यपाल की नियुक्ति और पार्टी के बीच की असहमति जैसे मुद्दों पर चर्चा की जानी थी।

कांग्रेस के एक नेता ने बताया कि बुधवार को संसद अध्यक्ष देवराज घिमिरे द्वारा “विद्यालय शिक्षा विधेयक” को प्राथमिकता न देने की टिप्पणी ने माहौल और बिगाड़ दिया। सरकार इस विधेयक को पारित कर आंदोलनरत शिक्षकों को शांत करना चाहती थी।

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कांग्रेस महासचिव विश्वप्रकाश शर्मा ने भी सरकार पर सार्वजनिक रूप से नाराज़गी जताते हुए गवर्नर नियुक्ति, एआईजी पद में पदोन्नति समेत सात मुद्दों पर प्रधानमंत्री ओली की आलोचना की। उन्होंने कहा, “नगण्य निर्णयों में जल्दबाज़ी और ज़रूरी निर्णयों में देरी, यही सरकार की कार्यशैली है।”

संयंत्र की स्थापना बीते पुस में सरकार के कार्यों में समन्वय और प्रभावशीलता लाने के उद्देश्य से की गई थी, लेकिन अब यह खुद संकट में है।

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