प्रचण्ड ने सुदूरपश्चिम के प्रदेशसभा सदस्यों को विमर्श के लिए काठमांडू बुलाया
काठमांडू, बैशाख २२ – नेकपा माओवादी केन्द्र के अध्यक्ष तथा पूर्व प्रधानमंत्री पुष्पकमल दाहाल ‘प्रचण्ड’ ने सुदूरपश्चिम के प्रदेशसभा सदस्यों को विमर्श के लिए काठमांडू बुलाया है ।
प्रचंड ने प्रदेश संसदीय दल के नेता बारे में उत्पन्न विवाद को सहमती के माध्यम से समाधान करने का निर्देशन दिया था । लेकिन इसका कार्यान्वयन नहीं होने के बाद प्रदेश सभा सदस्यों को काठमांडू बुलाया गया है ।
२४ गते सुबह ९ बजे प्रचण्ड निवास खुमलटार में बैठक बुलाई गई है । बैठक में अनिवार्य रुप से सभी को उपस्थित होने के लिए कहा गया है । माओवादी केन्द्रीय कार्यालय ने प्रदेश सभा सदस्यों को यह मैसेज भेजा है ।
१२ माघ २०८० में माओवादी केन्द्र के बहुमत प्रदेश सभा सदस्यों ने खगराज भट्ट को हटाकर धामी को संसदीय दल का नेता चयन किया था । अध्यक्ष प्रचण्ड ने भट्ट को ही दल के नेता में पुनर्बहाली करने के लिए पटक–पटक निर्देशन दिया था लेकिन इसके बाद भी इसपर कार्यान्वयन नहीं किया गया । धामी पक्ष का कहना है कि जब तक उनके पास बहुमत नहीं होगा, तब तक वे दल के नेता के रूप में स्वीकार नहीं किए जाएंगे ।
शुरु में सभामुख बाहेक १० सांसदों में से ६ सांसदों का समर्थन पाकर धामी नेता बने थे । लेकिन पिछले समय में शिव ओली भट्ट के पक्ष में लग गए । इसके बाद दोनों पक्ष में ५–५ सांसद हैं ।
अभी भट्ट के पक्ष में शिव ओली, झपट साउद, रमेश धामी, जानकी पौडेल कुवर हैं तो वही धामी के पक्ष में अक्कल बहादुर रावल, ओमविक्रम भाट सरल, लक्ष्मी विक और गीता माल हैं ।

