जनकपुरधाम में मनाया गया 18वां गणतंत्र दिवस

जनकपुरधाम/मिश्री लाल मधुकरजनकपुरधाम में 18वां गणतंत्र दिवस धूमधाम से मनाया गया। मधेश प्रदेश के गृह तथा संचार मंत्रालय द्वारा आयोजित 18वां गणतंत्र दिवस के प्रमुख अतिथि मधेश प्रदेश के मुख्यमंत्री सतीश कुमार सिंह थे।इस अवसर पर उन्होंने कहा कि हजारों नेपाली सपूतों के बलिदान के बाद नेपाल में गणतंत्र स्थापना हुयी। गणतंत्र का ही देन है कि मधेश का सपूत डॉ.राम वरण यादव गणतंत्र के प्रथम राष्ट्रपति बने वहीं मधेश के ही सपूत परमानंद झा प्रथम उप राष्ट्रपति बने। गणतंत्र आने की वजह से ही मैमुख्यमंत्री बना हूं।इस गणतंत्र को हमें बचाना है। गणतंत्र स्थापना में पत्रकारों की अहम भूमिका का हैं। गणतंत्र के बाद संघीयता आया है लेकिन राज्य को पूर्ण अधिकार नहीं मिल पाया है। मधेशी का संपूर्ण अधिकार सुनिश्चित करना होगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में राजावादी सक्रिय हो गये हैं लेकिन उनका दाल नहीं गलने वाली है। गणतंत्र दिवस के अवसर पर प्रेस स्वतंत्रता सेनानी राम भरत साह, अशोक रौनियार, कमलेश्वरी प्रसाद मंडल,कुंवर कांत झा सहित दो दर्जन से अधिक पत्रकारों को अंगवस्त्र,प्रस्तति पत्र तथा नगद 11हजार देकर प्रमुख अतिथि के हाथो सम्मानित किया गया।इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार अनिल कुमार कर्ण तथा मधेश प्रदेश के महाधिवक्ता सुरेंद्र महतो ने कार्यपत्र प्रस्तुत किए। गृह मंत्री राज कुमार लेखी की अध्यक्षता में संपन्न इस कार्यक्रम में शिक्षा तथा संस्कृति मंत्री रानी कुमारी शर्मा , स्वास्थ्य मंत्री शत्रुघ्न सिंह , विधायक रामाशीष यादव सहित कई मंत्री,बिधायक ,मधेश प्रदेश के डी.आई.जी.सहित कई पुलिस पदाधिकारी तथा गृह मंत्रालय के पदाधिकारी तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।


