अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2025 के उपलक्ष्य में भारत का महावाणिज्य दूतावास, बीरगंज द्वारा विभिन्न योग कार्यक्रमों का आयोजन
बीरगंज, 15 जून 2025 । संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर भारत का महावाणिज्य दूतावास, बीरगंज (नेपाल) इस वर्ष भी विभिन्न जिलों में योग कार्यक्रमों का आयोजन कर रहा है। 11वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम है — “एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग”, जो इस बात को रेखांकित करता है कि व्यक्ति का स्वास्थ्य और पृथ्वी का स्वास्थ्य परस्पर जुड़े हुए हैं।
यह दिवस हर वर्ष 21 जून को मनाया जाता है। इसकी शुरुआत भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा संयुक्त राष्ट्र महासभा के 69वें सत्र में 2014 में दिए गए प्रस्ताव से हुई थी। उस समय नेपाल सहित 177 देशों ने प्रस्ताव का समर्थन किया था। प्रधानमंत्री मोदी ने योग को केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि मन, शरीर और प्रकृति के बीच समन्वय स्थापित करने की एक प्रक्रिया बताया था, जो जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव के साथ-साथ जलवायु परिवर्तन से निपटने में भी सहायक है।
योग का मूल संस्कृत शब्द “योग” है, जिसका अर्थ है ‘जुड़ना’ या ‘एक होना’। यह एक आध्यात्मिक अनुशासन है जो शरीर और चेतना को एक साथ लाने का कार्य करता है। इसके नियमित अभ्यास से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य में सुधार होता है।
महावाणिज्य दूतावास द्वारा इस वर्ष 16 जून से 21 जून 2025 तक निम्नलिखित स्थानों पर योग कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं:
| क्रम | स्थान | तिथि | समय |
|---|---|---|---|
| 1 | नारायणी नदी किनारे (उद्योग वाणिज्य संघ, चितवन के पास), भरतपुर | 16 जून | सुबह 5:30 बजे |
| 2 | रॉयल पार्टी पैलेस, हेटौडा (मकवानपुर) | 17 जून | सुबह 5:30 बजे |
| 3 | श्री सरस्वती उच्च माध्यमिक विद्यालय, पिपरा भलोहिया (रौतहट) | 18 जून | सुबह 5:30 बजे |
| 4 | तिरहुतिया गाछी, जनकपुरधाम (धनुषा) | 19 जून | सुबह 5:30 बजे |
| 5 | विवाह मंडप परिसर, गढ़ीमाई मंदिर के पास (बारा) | 20 जून | सुबह 5:30 बजे |
| 6 | शंकराचार्य गेट, बीरगंज (परसा) | 21 जून | सुबह 5:30 बजे |
पिपरा भलोहिया (रौतहट) और गढ़ीमाई (बारा) में होने वाले कार्यक्रम संबंधित स्थानीय निकायों — श्री दुर्गा भगवती गाउँपालिका और गढ़ीमाई नगरपालिका — की सक्रिय सहभागिता में आयोजित किए जा रहे हैं। बीरगंज में कार्यक्रम नेपाल के प्रतिष्ठित प्रवेशद्वार शंकराचार्य गेट पर होगा, जिसमें वरिष्ठ गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति की भी संभावना है।
महावाणिज्य दूतावास ने स्पष्ट किया है कि सभी कार्यक्रम निःशुल्क और सार्वजनिक होंगे। सीमित स्थानों के कारण यह पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर आयोजित किए जाएंगे, इसलिए प्रतिभागियों से अनुरोध किया गया है कि वे समय से पहले कार्यक्रम स्थल पर पहुँचें।



