अडान के नाम पर प्रक्रिया को बन्धक न बनाए – योगेश भट्टराई
काठमांडू, असार २– नेकपा (एमाले)के सचिव योगेश भट्टराई ने कहा कि अडान के नाम पर प्रक्रिया को बन्धक न बनाए ।
सामाजिक संजाल पर लिखते हुए भट्टराई ने जोर देते हुए कहा है कि जहाँ तक संभव हो बातचीत कर सर्वस्वीकार्य प्रणाली स्थापना की जाए । उन्होंने सभामुख के बारे में सुविधा के अनुसार की व्याख्या की जा रही है ।
उन्होंने कहा कि – नारेबाजी के बीच संसद चलना अच्छा नहीं होता, लेकिन ऐसा पहली बार हुआ है। उन्होंने कहा कि अतीत में हर एक सभामुख के कार्यकाल में किसी न किसी दल ने वेल में नारे लगाए हैं। उन्होंने पूछा, “वर्तमान सभामुख के बारे में टिप्पणी करने वाले मीडिया या महानुभावों ने क्या पहले के सभामुखों के बारे में भी कुछ लिखा या कहा था? क्या उन्हें एक बार आईने में खुद को देखने की जरूरत नहीं है?”
भट्टराई ने आगे सवाल कियाः “किस प्रकार के विषयों पर बैठक अवरुद्ध की जानी चाहिए? सबकी सहमति कैसे बनाई जाए? सहमति के लिए न्यूनतम आधार क्या हो? बहुलवादी समाज और बहुदलीय प्रणाली वाले देश में हर विषय पर सबकी सहमति हो सकती है, इसकी गारंटी कौन दे सकता है? बहुमत और अल्पमत का अभ्यास कैसे किया जाए?”


