भारत के महावाणिज्य दूतावास बीरगंज द्वारा रौतहट में योग शिविर का आयोजन,
बीरगंज (नेपाल), 18 जून 2025 । अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2025 के अवसर पर भारत के महावाणिज्य दूतावास, बीरगंज (नेपाल) द्वारा 18 जून को रौतहट जिले के दुर्गा भगवती ग्रामीण नगरपालिका के सहयोग से श्री सरस्वती माध्यमिक विद्यालय, पिपरा भलोहिया में एक भव्य योग शिविर का आयोजन किया गया।
इस विशेष अवसर पर मधेश प्रदेश के माननीय आर्थिक मंत्री श्री सुनील कुमार यादव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। विशिष्ट अतिथियों में पूर्व भौतिक पूर्वाधार विकास मंत्री तथा नेपाली कांग्रेस, मधेश प्रदेश संसदीय दल के नेता श्री कृष्ण प्रसाद यादव और प्रदेश सभा सदस्य श्री नागेन्द्र प्रसाद चौधरी शामिल रहे।
कार्यक्रम में विभिन्न सम्मानित व्यक्ति, स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रमुख जिला अधिकारी, प्रहरी उपरीक्षक, शस्त्र प्रहरी बल अधिकारी, नागरिक समाज के सदस्य, योग अभ्यासी, शिक्षकगण तथा विद्यालय के छात्र-छात्राओं की गरिमामयी उपस्थिति रही।
उल्लेखनीय है कि इस विद्यालय का एक भवन भारत सरकार के आर्थिक सहयोग से निर्मित है, जो भारत-नेपाल विकास साझेदारी का प्रतीक माना जाता है।
कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए भारत के महावाणिज्यदूत श्री देवी सहाय मिना ने योग के व्यक्तिगत और पर्यावरणीय लाभों पर प्रकाश डाला। उन्होंने जानकारी दी कि संयुक्त राष्ट्र महासभा में नेपाल समेत 177 देशों द्वारा सहप्रायोजित प्रस्ताव के तहत 21 जून 2015 से अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की शुरुआत हुई थी। इस वर्ष योग दिवस का मुख्य संदेश “एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग” रहा।
मुख्य अतिथि श्री सुनील कुमार यादव ने अपने संबोधन में योग को निरोगी जीवन का मूलमंत्र बताया। वहीं, श्री कृष्ण प्रसाद यादव ने कहा कि आज की व्यस्त जीवनशैली में लोगों में बढ़ता आलस्य कई स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन रहा है, जिसे योग से नियंत्रित किया जा सकता है।
दुर्गा भगवती गाउँपालिका अध्यक्ष श्री शंभु सिंह ने योग को विद्यार्थियों के लिए एकाग्रता और अनुशासन का माध्यम बताते हुए इसे दैनिक जीवन में अपनाने का सुझाव दिया।
नेपाल-भारत मैत्री संघ के सहयोग से आयोजित इस शिविर में 450 से अधिक प्रतिभागियों ने सक्रिय भागीदारी की। महावाणिज्य दूतावास ने सभी सहभागी और सहयोगी संस्थाओं को कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए आभार प्रकट किया।
कार्यक्रम की कुछ झलकियाँ तस्वीरों के माध्यम से भी साझा की गई हैं।


