नेपाल योग की भूमि के रूप में प्रमाणित हो रहा है : राष्ट्रपति पौडेल

असार ७, २०८२ ,काठमाडौँ । अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर नेपाल के राष्ट्रपति रामचन्द्र पौडेल ने कहा है कि विभिन्न अध्ययन, अनुसन्धान तथा ऐतिहासिक एवं पुरातात्त्विक प्रमाणों से यह पुष्टि होती जा रही है कि नेपाल योग की भूमि रहा है।
राष्ट्रपति पौडेल ने आज जारी शुभकामना सन्देश में कहा कि योग, ध्यान और साधना से शरीर, मन और आत्मा में संतुलन आता है, तनाव से मुक्ति मिलती है और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है।
उन्होंने कहा, “नेपाल के सांस्कृतिक क्षेत्र में जो भौतिक तथा अभौतिक सम्पदाएँ हैं, उनमें योग विज्ञान का प्रयोग देखा जा सकता है। अब योग को राष्ट्रीय नीति, शैक्षिक पाठ्यक्रम और जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में अभिन्न अंग के रूप में स्थापित कर इस क्षेत्र का समुचित विकास आवश्यक है।”
संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा ११ दिसम्बर २०१४ को पारित प्रस्ताव के अनुसार २१ जून को प्रत्येक वर्ष अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाया जाता है। राष्ट्रपति पौडेल ने स्मरण कराया कि इस वर्ष “संपूर्ण पृथ्वी और मानव स्वास्थ्य के लिए योग” की भावना के साथ विश्व योग दिवस मनाया जा रहा है।
उनका यह सन्देश योग को केवल शारीरिक अभ्यास के रूप में नहीं, बल्कि एक वैज्ञानिक और मानवीय जीवनशैली के रूप में अपनाने की प्रेरणा भी देता है।

