सांसद अमरेश कुमार सिंह द्वारा दिए गए अभिव्यक्ति को लेकर संसद में हंगामा
काठमांडू, असार ८ – स्वतन्त्र सांसद अमरेश कुमार सिंह द्वारा दिए गए एक अभिव्यक्ति के कारण रविवार प्रतिनिधि सभा की बैठक में अचानक हंगामा मच गया । नीचे रास्वपा के सांसदों का अपनी ही शैली में विरोध प्रदर्शन जारी थी । सिंह बिनियोजित बजट के विषय में बोल रहे थे । उन्होंने अपनी धारणा रखने के क्रम में कहा कि – नेपाल के चार–पाँच जिला के अलावे अन्य सभी जिलों को किसी न किसी देश में मिला देना चाहिए ।
उन्होंने कहा कि “भाग्यशाली चार–पाँच जिलों को नेपाल में रखें तथा बाकी जिलों की जिम्मेदारी किसी और देश को दें ।” “अमेरिका, चीन, भारत चाहे किसी की भी जिम्मेदारी में देना चाहते हैं तो दें । उन्होंने कहा कि यदि बाकी जिलों में बजट ही नहीं देना है तो इन्हें नेपाल में क्यों रखना ?”
इसके बाद उन्होंने शहरी विकास मन्त्रालय बिनियोजित बजट को लेकर अपनी धारणा रख रहे थे कि एमाले के प्रमुख सचेतक महेश बर्तौला ने नियमापत्ति करते हुए सांसद सिंह की अभिव्यक्ति को संसद के रेकर्ड से हटाए जाने के साथ ही कारवाई की मांग की ।
बर्तौलाले आपत्ति जताते हुए कहा कि “नियम २०, २१ और २३ अनुसार मेरी नियमापत्ति है,” बर्तौलाले “चर्चा में सहभागी हुए माननीय सदस्य ने आपत्तिजनक विषय को संसद में रखा । विनियोजन शीर्षक में भाग लिया है । जिला को अमेरिका या अन्य देश को जिम्मेदारी दें इस तरह की अभिव्यक्ति देना राष्ट्रघाती अभिव्यक्ति है । इसे रेकर्ड से हटाना होगा और कारवाई का विषय बनाना होगा ।”लेकिन सांसद अमरेश नहीं रुके । और कहा कि “सर्लाही में क्यों बजट नहीं दिया गया ? ये कारवाई का विषय नहीं है ?” बर्तौला बार बार कहते रहे यह कारवाई का विषय है । “इसे रेकर्ड से हटाना होगा । देश की सार्वभौमिकता के विरुद्ध में एक सांसद रोष्ट्रम में खड़ा होकर बोले ये तो कारवाई का विषय है । उन्होंने कहा कि विगत में भी सांसद अमरेश ने इस तरह की दी है । हम इसे सुन नहीं सकते । सभी एक साथ जोर जोर से बोलने लगे । उसके बाद सभामुख घिमिर ने भी सिंह द्वारा दिए गए अभिव्यक्ति को हटाने का निर्देशन दिया ।


