विकासशील देशों को वित्तीय निवेश के लिए अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करना चाहिए – प्रधानमंत्री ओली
काठमांडू, असार १६ – प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने सिविल सोसाइटी फोरम के समापन सत्र को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय प्रणाली में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया ।
प्रधानमंत्री ओली, जो विकास के लिए वित्तसंबंधी पर संयुक्त राष्ट्र के चौथे अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में भाग लेने के लिए स्पेन की औपचारिक भ्रमण पर हैं, इस बात पर जोर दिया है कि विकासशील देशों को वित्तीय निवेश के लिए अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करना चाहिए ।
उन्होंने कहा कि नागरिक समाज को विकास सहयोग, ऋण स्थिरता और अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय प्रणाली सुधार के अधूरे एजेंडे पर अपनी आवाज उठाते रहना चाहिए।
उन्होंने कहा कि – आप न केवल इस सम्मेलन में भागीदार हैं, बल्कि परिवर्तन के लिए उत्प्रेरक और सशक्त आवाज भी हैं । आपकी वकालत और आवाज परिणामों में योगदान दे सकती है । प्रधानमंत्री ओली ने कहा“नेपाल सुशासन, विधि का शासन और लोकतान्त्रिक मूल्य, मान्यताओं में विश्वास करते हुए सुशासन, विकास और समृद्धि की यात्रा में आगे बढ़ रहा है ।”
उन्होंने कहा कि नेपाल का मानना है कि दुनिया में निवेश समावेशिता, आवश्यकता और आनुपातिकता पर आधारित होना चाहिए। ओली ने कहा – मैं इसमें वैश्विक भागीदारी और नागरिक समाज की भागीदारी की प्रशंसा करता हूँ ।
उन्होंने कहा कि नागरिक समाज की वकालत से जनता, पृथ्वी और साझा दायित्वों के लिए ताकत प्रदान करेगी, उन्होंने किसी को भी पीछे छोड़े बिना एक न्यायसंगत और टिकाऊ भविष्य के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाने का आह्वान किया ।
इस कार्यक्रम में, जिसमें स्पेन के उपराष्ट्रपति कैल्वो पोयातो भी उपस्थित थे, प्रधानमंत्री ओली ने कहा कि सभी को अच्छे रोजगार सृजित करने, समावेशी विकास को बढ़ावा देने तथा विकास के लिए संसाधन खोजने के लिए निजी क्षेत्र की पूंजी जुटाने की अपनी साझा जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
स्पेन सरकार के उपाध्यक्ष काल्भो पोयाटो भी इस कार्यक्रम में सहभागी थे । प्रधानमंत्री ओली ने कहा कि – निजी क्षेत्र के पूँजी को अच्छे रोजगार सिर्जना करने और समावेशी वृद्धि को प्रवद्र्धन और परिचालन एवं विकास के लिए स्रोतों की तलाश कर सभी को साझा दायित्व निर्वाह करनी चाहिए ।
नागरिक समाज सत्र द्वारा पारित घोषणापत्र को ’विकास के लिए वित्तसंबंधी पर चौथे अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन’ द्वारा अपनाया जाएगा ।


