सरकार काे दिया समर्थन वापस लेंगे : नागरिक उन्मुक्ति पार्टी
सुदूरपश्चिम के मुख्यमंत्री कमल बहादुर शाह द्वारा उद्योग, पर्यटन, वन एवं पर्यावरण मंत्री रामेश्वर चौधरी को गुरुवार को बर्खास्त किए जाने के बाद नागरिक उन्मुक्ति पार्टी ने घोषणा की है कि वह संघ एवं प्रदेश सरकारों से अलग हो जाएगी।
अध्यक्ष रंजीता श्रेष्ठ ने कहा, “सुदूरपश्चिम में मुख्यमंत्री ने अपने अधिकार का इस्तेमाल कर हमारी पार्टी के मंत्रियों को हटाया है। अब हम संघ एवं प्रदेश सरकारों से भी अलग हो जाएंगे। हमने पार्टी में चर्चा की है। हम समर्थन वापस ले लेंगे।”
पार्टी संरक्षक रेशम चौधरी ने भी कहा कि वे सरकार से समर्थन वापस ले लेंगे। मुख्यमंत्री ने सुदूरपश्चिम में मंत्री चौधरी को इस्तीफा देने के निर्देश की अवहेलना करने पर बर्खास्त कर दिया था। मंत्री चौधरी ने उन्हें चुनौती दी थी कि ‘अगर वे बर्खास्त कर सकते हैं तो करके दिखाएं’। नागरिक उन्मुक्ति पार्टी ने भी तय किया था कि चौधरी इस्तीफा नहीं देंगे।
मंत्री चौधरी द्वारा बजट तैयार करने के दौरान वित्तीय अनुशासन बनाए रखने में विफल रहने तथा खप्तड़ क्षेत्र पर्यटन विकास एवं प्रबंधन समिति के कार्यकारी निदेशक की नियुक्ति के दौरान कोई जानकारी न देने से असंतुष्ट होने के कारण इस्तीफा मांगा गया था। सुदूर पश्चिम में कांग्रेस और एमाले तथा नागरिक उन्मुक्ति के नेतृत्व में संयुक्त सरकार है। कांग्रेस के पास 18, एमाले के पास 11 तथा नागरिक उन्मुक्ति के पास 7 सांसद हैं। नागरिक उन्मुक्ति के समर्थन वापस लेने के बाद मुख्यमंत्री शाह अल्पमत में नहीं रहेंगे। 53 सदस्यीय सुदूरपश्चिम प्रांतीय विधानसभा में बहुमत के लिए 27 सांसदों की जरूरत है।


