पार्टी में जिसके मज़बूत विचार होंगे, वह स्वतः ही पार्टी का नेता बनेगा हरिबोल गजुरेल
12 असोज, काठमांडू।
सीपीएन-माओवादी केंद्र के नेता
ने कहा है कि पार्टी में जिसके भी सबसे मज़बूत विचार होंगे, वह स्वतः ही पार्टी का नेता बन जाएगा।
उन्होंने यह बात इस बात का ज़िक्र करते हुए कही कि माओवादी केंद्र की बैठक आम अधिवेशन के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हो गई है।
गजुरेल ने सोशल मीडिया पर लिखा, “ऐसी स्थिति में क्या करना उचित होता जब कॉमरेड प्रचंड की सहमति से नेतृत्व संभालने का प्रयास विफल हो गया? यह ऐसा प्रश्न है जिसे इच्छुक लोगों को स्वयं समझना चाहिए।”
उन्होंने आगे कहा, “अब किसी को यह तय करने का अधिकार नहीं है कि नेतृत्व कौन लेगा या किसे देगा। यह आम अधिवेशन के निर्णय से तय होने वाला मामला है।”
उनका मानना है कि प्रचंड के बाद माओवादियों में जिसके भी सबसे मज़बूत विचार होंगे, वह स्वतः ही पार्टी का नेता बन जाएगा।
उन्होंने लिखा, “इसलिए, अब नेतृत्व संभालने की चिंता करने का समय नहीं है, बल्कि चिंतन करने का समय है।” ‘जिसके विचार मज़बूत होते हैं, उसका नेतृत्व स्वतः ही स्थापित हो जाता है।’
यह उल्लेख करते हुए कि जनरेशन-जी इसी की तलाश में है, वे आगे कहते हैं, ‘वैचारिक स्पष्टता वाला एक ईमानदार और सक्षम नेतृत्व, जो आंदोलन को एक नई दिशा दे सके।’
गजुरेल कहते हैं कि पार्टी समन्वयक प्रचंड नेता बने रहेंगे या किसी अन्य भूमिका में चले जाएँगे, यह सवाल भी इसी आधार पर निर्भर करेगा।

