10,800 मेगावाट की कर्णाली चिसापानी जलविद्युत परियोजना को आगे बढ़ाया जाएगा : मंत्री घिसिंग
टीकापुर। ऊर्जा, जलस्रोत एवं सिंचाई, भौतिक अवसंरचना तथा परिवहन और शहरी विकास मंत्री कुलमान घिसिंग ने कहा है कि 10,800 मेगावाट क्षमता वाली कर्णाली चिसापानी जलाशययुक्त जलविद्युत परियोजना का विस्तृत इंजीनियरिंग अध्ययन (डीईएस) शुरू किया जा रहा है।
कैलाली जिले के जानकी गांवपालिका स्थित दुर्गौली में मंगलवार को आयोजित एक कार्यक्रम में मंत्री घिसिंग ने बताया कि सुदूरपश्चिम प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश की आर्थिक समृद्धि से जुड़ी इस मेगा परियोजना की विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) नेपाल विद्युत प्राधिकरण के माध्यम से तैयार की जाएगी।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2001 के भीतर निर्माण पूरा करने की संभावना के बावजूद यह परियोजना आगे नहीं बढ़ सकी थी। अब देश की समृद्धि से जुड़ी कर्णाली चिसापानी जैसी मेगा परियोजनाओं को आगे बढ़ाना जरूरी है और इसे दक्षिण एशिया क्षेत्र की एक आदर्श परियोजना के रूप में विकसित किया जा सकता है।
मंत्री घिसिंग के अनुसार, सरकार पहले ही नेपाल विद्युत प्राधिकरण के माध्यम से इस परियोजना का अध्ययन कराने का निर्णय ले चुकी है और प्राधिकरण ने विस्तृत अध्ययन के लिए परामर्शदाता चयन की प्रक्रिया भी आगे बढ़ा दी है। परियोजना के निर्माण से नदी के प्रवाह पर नियंत्रण होगा, जिससे वर्तमान में मौजूद नदी कटान की समस्या का दीर्घकालीन समाधान संभव हो सकेगा।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि रानी जमरा कुलरिया सिंचाई परियोजना से जुड़े 4.71 मेगावाट के जलविद्युत गृह के संचालन के लिए स्थानीय जनता और उपभोक्ता समितियों की शेयर स्वामित्व वाली कंपनी स्थापित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
कंपनी स्थापना के लिए सहमति हेतु अर्थ मंत्रालय में प्रस्ताव भेजा गया है। मंत्री घिसिंग ने कहा कि अर्थ मंत्राल😶 मिलने के बाद मंत्रिपरिषद से निर्णय कर कंपनी स्थापना की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। उन्होंने जलविद्युत और पर्यटन विकास के माध्यम से सुदूरपश्चिम प्रदेश की आर्थिक समृद्धि हासिल की जा सकने की बात भी दोहराई।

