साहित्य दो देशों के बीच सेतु का कार्य करता है – झलनाथ खनाल
काठमांडू, १६ गते – भूतपूर्व प्रधानमंत्री सम्मानीय झलनाथ खनाल ने कहा कि नेपाल और भारत संसार का सबसे प्राचीनतम देश है । हमारा पौराणिक संबंध है ।
नेपाल भारत साहित्य महोत्सव का उद्घाटन करने के क्रम में उन्होंने कहा कि नेपाल और भारत का प्राचीनतम संबंध है और साहित्य ने इसे और अधिक सुदृढ़ बनाया है । मुख्य अतिथि के रुप में उन्होंने कहा कि साहित्य दो देशों के बीच सेतु का कार्य करता है ।
उन्होंने राजनीतिक विषयों को लेकर कहा कि नेपाल दो शक्तिशाली देशों के बीच में है और दोनों ही देश हमें बहुत प्रेम करते हैं । भारत के साथ हमारे साहित्यिक, सांस्कृतिक, धार्मिक संबंध है । नेपाल भारत साहित्य महोत्सव को लेकर उन्होंने कहा कि – इस तरह के साहित्यिक महोत्सव होने चाहिए । मुझे पूर्ण विश्वास है कि संबंध को प्रगाढ़ बनाने में यह कार्यक्रम महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी । साहित्य से दीर्घकालीन सुदृढ़ता बढ़ती है । इस तरह के प्रयास हमें निरंतर करते रहना चाहिए ।
इसी तरह कार्यक्रम के अध्यक्ष शैलेन्द्र मोहन झा ने कहा कि – नेपाल देवभूमि है । भारत और नेपाल का संबंध दैविक शक्ति द्वारा बनाया गया है । दुलर्भ संबंध है दोनों देशों का । यह अकाट्य संबंध है । उन्होंने कहा – मुझे पूर्ण विश्वास है इस संबंध को और अधिक मजबूत बनाने में नेपाल भारत साहित्य महोत्सव महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी । झा नेपाल भारत मंत्री संध के अध्यक्ष हैं ।
नेपाल – भारत साहित्य महोत्सव का ओयाजन पिछले कई वर्षो से निरंतर किया जा रहा है । कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ –साथ विभिन्न पुस्तकों का विमोचन भी किया गया ।
यह महोत्सव क्रांतिधरा साहित्य अकादमी मेरठ (भारत) द्वारा, हिन्दी अकादमी नेपाल, नेपाल –भारत मैत्री संघ नेपाल, चारु साहित्य प्रतिष्ठान, सिर्जना साहित्य नेपाल, के सहयोग से २९ मई से आरंभ हुआ है, जो ३१ मई तक आयोजित किया जाएगा ।


