देवानगंज कांड: पीड़ित परिवार से वादाखिलाफी पर भड़का गुस्सा नेताओं ने जारी की संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति

काठमांडू, १० अगस्त। सुनसरी के देवानगंज घटना में नेपाल सरकार द्वारा किए गए लिखित समझौते और प्रतिबद्धताओं पर अमल न होने के विरोध में राजनीतिक दलों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों का गुस्सा फूट पड़ा है। 25 सावन 2083 (10 अगस्त 2026) को एक संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने तत्काल निर्णय लेकर शहीदों की घोषणा और क्षतिपूर्ति का काम पूरा नहीं किया, तो देशव्यापी सशक्त और लोकतांत्रिक आंदोलन शुरू किया जाएगा।
यह संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति जनता समाजवादी पार्टी नेपाल के अध्यक्ष महन्थ ठाकुर, राष्ट्रीय मुक्ति पार्टी नेपाल के अध्यक्ष राजेन्द्र महतो, राष्ट्रीय निर्माण दल के अध्यक्ष समिम मिया अंसारी, देवानगंज गाउँपालिका अध्यक्ष बेचन प्रसाद मेहता और देवानगंज गाउँपालिका वडा नं. ६ के अध्यक्ष हरिनन्दन मेहता के संयुक्त हस्ताक्षर से जारी की गई है।
विज्ञप्ति के अनुसार, देवानगंज घटना के बाद सरकार ने पीड़ित परिवारों के साथ लिखित समझौता किया था। इसमें: मृतकों को राष्ट्रीय शहीद घोषणा करने, क्षतिपूर्ति एवं राहत राशि उपलब्ध कराने, परिवार के सदस्य को रोजगार देने और 7 दिनों के भीतर निष्पक्ष जांच पूरी करने की स्पष्ट प्रतिबद्धता जताई गई थी।
लेकिन लंबा समय बीत जाने के बाद भी मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) द्वारा शहीदों की घोषणा तक का फैसला न होना सरकार की चरम गैर-जिम्मेदारी और संवेदनहीनता को दर्शाता है।
विज्ञप्ति में काठमांडू में इलाज के दौरान दम तोड़ने वाले रविन्द्र मेहता का विशेष उल्लेख करते हुए कहा गया है कि उनके निधन को एक सप्ताह बीत चुका है, लेकिन समझौते के अभाव में उनका अंतिम संस्कार तक नहीं हो सका है। मृत्यु के बाद सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार पाने का मौलिक अधिकार भी छीन जाना अत्यंत दुखद, आपत्तिजनक और संवेदनशील स्थिति है।
नेताओं ने सरकार को स्पष्ट रूप से स्मरण कराया है कि: गत 14 गते को 8 बुँदे मांगों के साथ एक वक्तव्य जारी किया गया था। 15 गते सुबह सम्माननीय प्रधानमंत्री जी के साथ इस विषय पर गंभीर विचार-विमर्श (छलफल) भी हुआ था। “सरकार यह न भूले कि समझौता कोई राजनीतिक बयान या खोखला आश्वासन नहीं, बल्कि राज्य की ओर से किया गया एक लिखित संकल्प है।”
संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति में सरकार से मांग की गई है कि देवानगंज घटना के मृतक ओमप्रकाश मेहता और जय प्रकाश मेहता, सिरहा गोलबाजार घटना के मृतक गणेश यादव, तथा काठमांडू में इलाज के दौरान जान गंवाने वाले सुनसरी के रविन्द्र मेहता को तत्काल राष्ट्रीय शहीद घोषित किया जाए।
जारी बयान में सरकार को सचेत करते हुए कहा गया है कि इस तरह की देरी से पीड़ित परिवार का दर्द और जनता का आक्रोश कभी भी अनियंत्रित रूप ले सकता है। प्रेस विज्ञप्ति के अंत में सरकार को चेतावनी दी गई है कि पीड़ितों के धैर्य का इम्तिहान न लिया जाए। यदि तत्काल निर्णय लेकर न्यायपूर्ण समाधान की दिशा में कदम नहीं उठाए गए, तो सरकार के इस गैर-जिम्मेदाराना रवैये के खिलाफ शांत पूर्ण एवं सशक्त लोकतांत्रिक संघर्ष छेड़ा जाएगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी सरकार की होगी।

