उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले में भीषण बाढ़,युद्ध स्तर पर राहत-बचाव कार्य जारी
काठमान्डू
उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले में भीषण बाढ़ आई हुई है. जिले में मौजूद मंदाकिनी नदी ने जमकर कहर बरपाया है. बताया जा रहा है कि मंदाकिनी नदी में पानी नेपाल में आई बाढ़ की वजह से आया है, जिसके चलते जिले में खतरनाक मंजर देखने को मिल रहा है. नदी के किनारे स्थित आश्रम, मंदिर, मठ, रामघाट की दुकानें और कई होटल पानी में डूब गए हैं. बाढ़ के चलते बड़े पैमाने पर आर्थिक नुकसान बताया जा रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि 90 साल में मंदाकिनी नदी में इससे अधिक भीषण कभी बाढ़ नहीं आई. बाढ़ के चलते कुछ लोग अपने घरों पर रह रहे हैं. सैकड़ों लोग अपने घरों में फंसे हुए हैं.
मंदाकिनी पुल की एप्रोच रोड बह गई
मंदाकिनी नदी में आई बाढ़ के चलते कर्वी मंदाकिनी पुल की एप्रोच रोड का एक कोना बाढ़ में बह गया. पुल के धंसने को लेकर भारी वाहनों का प्रवेश बंद कर दिया गया है. झांसी-प्रयागराज नेशनल हाईवे पर भारी वाहनों का आवागमन हुआ बंद. बीते शनिवार को बाढ़ में मंदाकिनी नदी के पुल के ऊपर से बह रहा था पानी. बाढ़ की चपेट में आने से मंदाकिनी की एप्रोच रोड बही. प्रशासन की तरफ से राहत बचाव कार्य जारी. शहर को जोड़ने वाला मेन पुल मंदाकिनी में बहा,शहर कोतवाली क्षेत्र के मंदाकिनी पुल का मामला.
चित्रकूट के किन इलाकों में सबसे ज्यादा हालत खराब
प्रशासन की टीमें लगातार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कोशिश में जुटी हुई है. कई गांवों का संपर्क मेन रास्तों से भी कट गया है. जिले के कटरा गदूर गांव में बाढ़ से सबसे ज्यादा हालत खराब है. वहीं तरौवां का एक बड़ा हिस्सा बाढ़ में डूब गया है. मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ने से रामघाट में बना बड़ा पुलस भी पानी में डूब गया है. रामघाट के किनारे बनीं दुकानें और होटल भी जलमग्र हो गए हैं. जानकीकुंड थाना क्षेत्र में पंजाबी भगवान आश्रम, आरोग्यधाम, सद्गुरु सेवा संघ का आश्रम, जगद्गुरु रामभद्राचार्य आश्रम समेत सैकड़ों आश्रम में बाढ़ का पानी घुस गया है.
एसडीआरएफ ने 200 लोगों को बचाया
हालांकि चित्रकूट में आई बाढ़ के बाद युद्ध स्तर पर राहत-बचाव कार्य जारी है. रात में भी बाढ़ पीड़ितों की मदद में SDRF की टीम जुट गई है. SDRF ने बाढ़ में फंसे अबतक करीब 200 लोगों का बचाया है. SDRF के जवानों ने बूढ़े, बुजुर्गों और बच्चों का रेस्क्यू किया है. SDRF बाढ़ में फंसे लोगों को खाने के पैकेट बांट रही है. बाढ़ पीड़ितों की हर संभव मदद में जुटी SDRF.

