‘नो लाइन, ओनली ऑनलाइन’ कहकर सरकार में आई रास्वपा ने जनता को बारिश में भीगते हुए लाइन में खड़े होने के लिए किया मजबूर – वर्षमान पुन
काठमांडू, भाद्र २६ – नेपाली कम्युनिष्ट पार्टी के नेता वर्षमान पुन ने प्रधानमंत्री बालेन को यह सलाह दी है कि वे इस भ्रम से बाहर निकले कि वो हमेशा के लिए सत्ता में आ चुके हैं । प्रतिनिधिसभा की बैठक में उन्होंने कहा कि सरकार जनअधिकारों के संरक्षण में चूकती जा रही है । उन्होंने समय की सीमितता का ख्याल रखते हुए जनता की अपेक्षा अनुसार काम करने का भी सुझाव दिया है । उन्होंने कहा कि ‘नो लाइन, ओनली ऑनलाइन’ का नारा देकर सरकार में आई रास्वपा ने जनता को बारिश में भीगते हुए गैस की लाइन में खड़े होने के लिए मजबूर कर दिया है ।
उन्होंने कहा कि “लोकतंत्र का अर्थ है अपनी जनता के जीवन की सुरक्षा, प्रश्न करने की गारंटी, जनअधिकारों का संरक्षण, कानून का शासन और सरकार की जबावदेहिता ।” “करीब दो तिहाइ की यह वर्तमान सरकार इन सभी विषयों में चूकती जा रही है । धान रोपने के समय में किसानों को खाद नहीं मिला, और अब खाना पकाने के गैस की भारी कमी है ।”
उन्होंने सरकार पर स्वेच्छाचारिता और अयोग्यता की सीमा पार करने का आरोप लगाया । उन्होंने कहा “सप्तरी में पैसे की कमी बताकर संघीय सरकार के अधीन अस्पताल ने प्रसव वेदना से गुजर रही महिला का इलाज नहीं किया गया , उसे भर्ती नहीं किया गया जिसके कारण उस महिला ने सड़क पर ही बच्चे को जन्म दिया । इस घटना ने सरकार की नीयत और क्षमता दोनों को ही उजागर किया है । उन्होंने कहा कि “मैं सत्तापक्ष के साथियों से पूछना चाहता हूँ कि यदि आपलोग प्रतिपक्ष में होते और सत्तापक्ष में यह घटना हुई होती तो इस घटना को आप किस रुप में व्याख्या करते ?”
उनले प्रधानमंत्री शाह से सुधार की अपील की है । उन्होंने कहा कि “डर, त्रास और धमकी से आप लम्बे समय तक शासन में टिके रहेंगे, इस भ्रम से बाहर निकलें । लोकतंत्र में आवधिक निर्वाचन के माध्यम से जीत हार होती रहती है । इसलिए इस भ्रम में नहीं रहे कि यह सत्ता आपके पास हमेशा रहेगी । उन्होंने कहा कि “आपको दूसरे की बातों पर विश्वास नहीं होता है तो अपने ही कार्यालय के दीवार पर लगे पूर्व प्रधानमंत्रियों तथा पूर्व मंत्रियों की तस्वीरों को ही एकबार देख लें, आपको सत्य स्वीकार करने की शक्ति प्राप्त होगी ।”

