नेपाल सरकार ने 13 देशों के लिए राजदूतों की सिफारिश की, छह महीने बाद शुरू हुई नियुक्ति प्रक्रिया
काठमांडू।
सरकार गठन के छह महीने बाद नेपाल मंत्रिपरिषद ने 13 देशों में रिक्त पड़े राजदूत पदों पर नियुक्ति के लिए सिफारिश कर दी है। राजनीतिक कोटे से होने वाली इन नियुक्तियों के लिए इस बार पहली बार सार्वजनिक रूप से आवेदन आमंत्रित कर प्रक्रिया शुरू की गई थी।
करीब 4,400 आवेदनों में से स्क्रीनिंग के बाद 2,700 आवेदन शॉर्टलिस्ट किए गए। हालांकि अंतिम चयन में काफी समय लगने के कारण राजदूत नियुक्ति की प्रक्रिया लंबी खिंच गई। शुक्रवार को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में पहले चरण में 13 देशों के लिए नामों को मंजूरी दी गई।
सरकार के अनुसार शेष देशों के लिए राजदूतों की सिफारिश प्रधानमंत्री के संयुक्त राष्ट्र महासभा से लौटने के बाद की जाएगी।
भारत, चीन और अमेरिका के लिए अकादमिक पृष्ठभूमि वाले नाम
नेपाल की कूटनीति के लिहाज से सबसे महत्वपूर्ण माने जाने वाले भारत, चीन और अमेरिका के लिए इस बार मुख्यतः अकादमिक क्षेत्र से जुड़े व्यक्तियों की सिफारिश की गई है।
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भारत – निश्चलनाथ पाण्डे
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चीन – कल्याणराज शर्मा
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अमेरिका – चिरञ्जंग थापा
वहीं ब्रिटेन के लिए पूर्व प्रधान सेनापति गौरव शम्शेर जबरा का नाम प्रस्तावित किया गया है।
नियुक्तियों में समावेशिता पर विशेष ध्यान
सिफारिश किए गए 13 राजदूतों में चार महिलाएँ शामिल हैं।
महिला उम्मीदवारों के नाम इस प्रकार हैं—
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प्राप्ति शेरचन – स्पेन
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सरु जोशी – जर्मनी
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पद्माक्षी राणा – ओमान
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मञ्चला झा – श्रीलंका
मञ्चला झा मधेशी समुदाय से आती हैं।
इसके अलावा विभिन्न समुदायों का प्रतिनिधित्व भी सुनिश्चित किया गया है—
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सुरेश कुमार कर्ण (मधेशी समुदाय) – इज़रायल
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संगम श्रेष्ठ (जनजाति समुदाय) – दक्षिण कोरिया
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सरु जोशी और प्राप्ति शेरचन भी जनजाति समुदाय से हैं।
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गिरीबहादुर सुनार (दलित समुदाय) – सऊदी अरब
इस बार की सिफारिशों को देखकर माना जा रहा है कि नियुक्तियों में समावेशिता को लेकर पहले की तरह सवाल उठने की संभावना कम है।
आगे की प्रक्रिया क्या होगी?
अब सरकार प्रस्तावित राजदूतों के नाम संसदीय सुनवाई के लिए भेजेगी। सुनवाई पूरी होने के बाद संबंधित देशों से अग्रिमो (Agrément) यानी औपचारिक स्वीकृति मांगी जाएगी। अग्रिमो मिलने के बाद राष्ट्रपति संबंधित देशों में राजदूतों की नियुक्ति करेंगे।
अभी इन देशों में नियुक्ति बाकी
सरकार को अभी करियर डिप्लोमैट श्रेणी से निम्न देशों में राजदूत नियुक्त करने हैं—
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ऑस्ट्रेलिया
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जापान
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मलेशिया
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कतर
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रूस
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मिस्र
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बहरीन
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बांग्लादेश
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म्यांमार
यदि ब्राज़ील का दूतावास जारी रहता है, तो वहाँ भी राजदूत की नियुक्ति की जाएगी।
ब्राज़ील और छेन्दू में दूतावास बंद नहीं होंगे
सरकार ने पहले दक्षिण अफ्रीका, डेनमार्क और ब्राज़ील स्थित नेपाली दूतावास बंद करने का निर्णय लिया था। लेकिन अब ब्राज़ील में दूतावास बंद नहीं किया जाएगा।
बताया गया है कि ब्राज़ील के ब्रिक्स (BRICS) सदस्य देश होने और वहाँ से लगातार आग्रह आने के बाद सरकार ने अपना निर्णय बदल दिया।
इसी तरह चीन के छेन्दू स्थित नेपाली महावाणिज्य दूतावास को भी बंद नहीं किया जाएगा। पहले अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को, भारत के विशाखापट्टनम और चीन के छेन्दू स्थित महावाणिज्य दूतावास बंद करने का निर्णय लिया गया था। अब सैन फ्रांसिस्को और विशाखापट्टनम के कार्यालय बंद होंगे, जबकि छेन्दू का महावाणिज्य दूतावास पहले की तरह कार्य करता रहेगा।


