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संयुक्त राष्ट्र महासभा  : विदेश मंत्रालय ने बताया नेपाल की भागीदारी सफल और सक्रिय

 

काठमांडू, 10 असोज।

प्रधानमंत्री बालेन शाह संयुक्त राष्ट्रसंघ की 81वीं महासभा में भाग लेने के बाद शनिवार को स्वदेश लौट आए। वे मंगलवार शाम अमेरिका के न्यूयॉर्क गए थे और महासभा में नेपाल का प्रतिनिधित्व करने के बाद अपनी यात्रा समाप्त कर काठमांडू पहुंचे।

प्रधानमंत्री शाह की यात्रा की जानकारी देने के लिए त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय विमानस्थल पर नेपाल के विदेश मंत्रालय ने एक पत्रकार सम्मेलन आयोजित किया।

विदेश मंत्रालय ने बताया यात्रा सफल रही

पत्रकार सम्मेलन में विदेश मंत्रालय के कार्यवाहक सचिव गणेशप्रसाद ढकाल ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र महासभा में नेपाल की भागीदारी सक्रिय और सफल रही। मंत्रालय की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया कि इस सहभागिता से अंतरराष्ट्रीय मंच पर नेपाल की छवि और प्रतिष्ठा को मजबूती मिली है।

मंत्रालय ने कहा कि इस महत्वपूर्ण महासभा में नेपाल ने जलवायु परिवर्तन, विकास और वैश्विक सहयोग जैसे मुद्दों पर अपनी बात प्रभावी ढंग से रखी।

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जलवायु संकट पर नेपाल की मजबूत आवाज

संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री बालेन शाह ने हाल ही में भोटेकोशी में आई विनाशकारी बाढ़ को जलवायु संकट के गंभीर प्रभाव और पूरी दुनिया के लिए चेतावनी के रूप में प्रस्तुत किया।

उन्होंने कहा कि वैश्विक ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में नेपाल की हिस्सेदारी 0.1 प्रतिशत से भी कम है, लेकिन इसके बावजूद नेपाल जलवायु परिवर्तन के असंगत और गंभीर दुष्परिणाम झेल रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन नेपाल के लिए केवल पर्यावरण का मुद्दा नहीं, बल्कि मानवीय जीवन और विकास से जुड़ी एक बड़ी आपदा बन चुका है।

‘हिमालयन क्लाइमेट रेज़िलिएंस मेकैनिज़्म’ का प्रस्ताव

प्रधानमंत्री शाह ने हिमालयी क्षेत्रों में बढ़ते जोखिमों से निपटने के लिए वैश्विक मंच पर “हिमालयन क्लाइमेट रेज़िलिएंस मेकैनिज़्म” की स्थापना का प्रस्ताव रखा।

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उन्होंने इस पहल के तहत तीन प्रमुख बातों पर ज़ोर दिया—

  • जोखिम वाले हिमतालों की नियमित निगरानी।

  • पूर्व चेतावनी प्रणाली का आधुनिकीकरण।

  • नेपाल, चीन और भारत सहित सीमापार सहयोग को अनिवार्य बनाना।

जलवायु न्याय और अनुदान आधारित सहायता की मांग

प्रधानमंत्री शाह ने कहा कि जलवायु न्याय को व्यवहार में उतारने के लिए ऐतिहासिक रूप से अधिक कार्बन उत्सर्जन करने वाले समृद्ध देशों को अधिक जिम्मेदारी निभानी चाहिए।

उन्होंने “हानि एवं क्षति कोष” (Loss and Damage Fund) सहित जलवायु वित्तीय व्यवस्थाओं के माध्यम से विकासशील देशों को अनुदान आधारित सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को सरल और प्रभावी बनाने की मांग की।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव से मुलाकात

न्यूयॉर्क प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री बालेन शाह ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस से उच्चस्तरीय मुलाकात भी की।

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इस अवसर पर महासचिव गुटेरेस ने भोटेकोशी बाढ़ में हुई जनधन की क्षति पर गहरा दुःख व्यक्त किया और जलवायु संकट से मुकाबले में संयुक्त राष्ट्र की ओर से नेपाल को हरसंभव सहयोग देने की प्रतिबद्धता दोहराई।

मुख्य बातें

  • प्रधानमंत्री बालेन शाह संयुक्त राष्ट्र की 81वीं महासभा में भाग लेकर स्वदेश लौटे।

  • विदेश मंत्रालय ने यात्रा को नेपाल की सक्रिय और सफल कूटनीतिक भागीदारी बताया।

  • महासभा में प्रधानमंत्री ने भोटेकोशी बाढ़ को जलवायु परिवर्तन की गंभीर चेतावनी के रूप में प्रस्तुत किया।

  • उन्होंने “हिमालयन क्लाइमेट रेज़िलिएंस मेकैनिज़्म” बनाने का प्रस्ताव रखा।

  • जलवायु न्याय और अनुदान आधारित अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सहायता की मांग दोहराई।

  • संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने नेपाल के प्रति सहयोग की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

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