नेपाल–भारत आर्थिक सहयोग को उत्पादन, उच्च तकनीक और क्षेत्रीय मूल्य शृंखला से जोड़ना जरूरी: विदेश मंत्री खनाल
नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने कहा है कि नेपाल और भारत के बीच आर्थिक सहयोग को उत्पादन, उच्च तकनीक और क्षेत्रीय मूल्य शृंखला पर आधारित बनाया जाना चाहिए। उन्होंने दोनों देशों के बीच मौजूदा व्यापार और निवेश संबंधों को अधिक उत्पादक बनाने पर जोर दिया।
नेपाल–भारत उद्योग वाणिज्य संघ (निक्की) की 32वीं वार्षिक आमसभा को संबोधित करते हुए खनाल ने कहा कि नेपाल के कुल विदेशी व्यापार में लगभग दो-तिहाई और कुल निर्यात में 80 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी भारत की है। ऐसे में दोनों देशों को उच्च मूल्य सृजन वाले क्षेत्रों में सहयोग के नए अवसर तलाशने चाहिए।
उन्होंने कहा, “आज कूटनीति केवल सरकारी वार्ताओं और संधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका विस्तार व्यापार, निवेश, ऊर्जा और प्रौद्योगिकी तक हो गया है।” उन्होंने जलविद्युत, स्वच्छ ऊर्जा, पर्यटन, कृषि और डिजिटल तकनीक को द्विपक्षीय सहयोग के प्रमुख संभावनाशील क्षेत्र बताया।
खनाल ने नेपाली उद्यमों को क्षेत्रीय उत्पादन शृंखला से जोड़ने और भारत के साथ संयुक्त निवेश बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। इसके लिए व्यापार सुगमता, बुनियादी ढांचे के विकास, निवेश-अनुकूल वातावरण और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण को प्राथमिकता देने की बात कही।
व्यापार, ऊर्जा और पर्यटन में सहयोग पर जोर
विदेश मंत्री ने कहा कि नेपाल–भारत आर्थिक सहयोग के विस्तार के लिए व्यापार एवं पारगमन, औद्योगिक निवेश, ऊर्जा, डिजिटल तकनीक और पर्यटन को प्राथमिकता देनी होगी। खुली सीमा से मिलने वाले लाभों का उपयोग करते हुए सड़क, रेल और हवाई मार्ग से वस्तुओं की ढुलाई को सुगम बनाना आवश्यक है।
उन्होंने कहा, “नेपाल की जलविद्युत क्षमता और भारत के हरित ऊर्जा संक्रमण के लक्ष्य के बीच तालमेल स्थापित कर सीमापार ऊर्जा व्यापार को नई ऊंचाई पर पहुंचाना चाहिए।”
डिजिटल अर्थव्यवस्था में सहयोग की संभावनाओं का उल्लेख करते हुए खनाल ने सीमापार डिजिटल भुगतान, वित्तीय तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्रों में नेपाली युवाओं को भारत के प्रौद्योगिकी क्षेत्र से जोड़ने पर जोर दिया।
पर्यटन के क्षेत्र में उन्होंने धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन मार्गों को बढ़ावा देने तथा आर्थिक सहयोग को बड़े शहरों से आगे अन्य क्षेत्रों तक विस्तारित करने की आवश्यकता बताई।
निजी क्षेत्र की भूमिका महत्वपूर्ण
खनाल ने कहा कि नेपाल–भारत उद्योग वाणिज्य संघ सहित निजी क्षेत्र के संगठनों की भूमिका नीतिगत समस्याओं की पहचान करने, व्यावसायिक साझेदारी बढ़ाने और निवेश के नए अवसर तलाशने में महत्वपूर्ण हो सकती है।
उन्होंने आर्थिक कूटनीति को नेपाल की विकास रणनीति का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए कहा कि निजी क्षेत्र के सहयोग से छोटे एवं मझोले उद्योगों और महिला उद्यमियों को भी सीमापार व्यापार तक पहुंच उपलब्ध कराने के लिए ठोस तंत्र विकसित किया जाएगा।
विदेश मंत्री के अनुसार, नेपाल और भारत के बीच आर्थिक संबंधों को अधिक मजबूत और परिणामोन्मुख बनाने के लिए सरकार तथा निजी क्षेत्र के बीच समन्वय बढ़ाना आवश्यक है।

