Mon. Jul 20th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

नेपाल की राजनीति है या चिडिया घर ?

 
मालिनी मिश्र, काठमाण्डू, २८ जुलाई ।
नेपाल की राजनीति में वह हो रहा है जो कहीं नही होता । फिल्हाल की स्थिति यह है कि अप्रत्यक्ष रुप से यहां सभी नेता एक दूसरे को सिर्फ जानवर के नाम से ही संबोधन करते हैं । समय समय पर यह संबोधन बदलता रहता है । कोई पागल है तो कोई अन्य जानवर अब एक नयी उपाधी सामने आयी है जो है नीले सियार की ।
 इसी क्रम में पूर्व प्रधानमंत्री एवं नयां शक्ति नेपाल के संयोजक डा. बाबूराम भट्टराई का कहना है कि नेपाल की राजनीति में सरकार के परिवर्तन का होना आन्तरिक लोक तंत्र की बात है इसमें बाह्य शक्ति केन्द्रों का नाम जोड़ना अत्यंत दुख की बात है ।
baburam bhattrai
 भट्टराई का कहना है कि इसी तरह की स्थिति में देश कभी समृद्ध नहीं हो पायेगा । उनके अनुसार पूर्ण समानुपातिक व्यवस्थापिका व राजनीतिक स्थिरता के लिए प्रत्यक्ष निर्वाचित राष्ट्रपति के शासकीय प्रणली की वही पुरानी बातों को दोहराया है । इसके लिए उनकी पार्टी  के द्वारा संविधान में संशोधन के लिए अभियान के चलाने की बात भी कही है ।
इसी बातचीत के क्रम में उन्होने कहा है कि उनपर जिन्होंने अराष्ट्रवादी होने का आरोप लगाया है वह लोग स्वयं ही “नीले रंग के लोमड़” है । इसके साथ ही भट्टराई नें सियार के नीले रंग में डूबने की कहानी की भी चर्चा की जिसमें सियार रंग में रंग कर स्वयं को जंगल का राजा समझता है पर जब सभी सियार चिल्लाते हैं तो वह भी साथ में हाथ मिलाता है । अतः अराष्ट्रवादी कहने वालों को स्वयं की स्थिति भी देखनी चाहिए ।

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.