गायक तथा संगीतकार पन्नाकाजी शाक्य का निधन
माघ १२ , काठमान्डू
पुराने गायक तथा संगीतकार पन्नाकाजी शाक्य का ८५ वर्ष के उमेर मे निधन ओ गया है । उनके ” तिरिरी मुरली बज्यो वनैमा ” गीत बहुत ही चर्चित है । शरद कुमार शाक्य के शब्द में रहे गीत में पन्नाकाजी अपने ही संगीत और स्वर दिए थे ।
वि. सं. १९८८ साल पुस १५ गते काठमान्डू के ओमबहाल में जन्में पन्नाकाजी २००७ साल मे ही रेडियो नेपाल में प्रवेश की थी । साहित्यकार तथा नाटक निर्देशक बालकृष्ण सम के विशेष सिफारिस में रेडियो नेपाल के निदेशक तारणीप्रसाद कोइराला ने पन्नाकाजी को गायक के रुप में जागिर दिया था । वि. सं २००८ साल से रेडियो में स्थायी नियुक्ति पा कर उन्होंने वि. सं २०४० साल तक काम किए ।
रेडियो नेपाल द्वारा वि. सं २०२२ साल में आयोजना की हुई आधुनिक गीत प्रतियोगीता में नारायण गोपाल संगीत में प्रथम तथा पन्नाकाजी गायन में प्रथम हुए थे । उन्होंने ‘किन–किन तिम्रो तस्बिर‘ और ‘लोलाएका ती तिम्रा आँखा‘ को पुराने मेलोडी, नौलाखे तारा, एकानी दुवानी, रात यो नबित्ला, लालीगुराँस फुल्यो है लगायत सिर्जना दिया हैं । आधुनिक, भजन, स्वदेश गान, लोकगीत और नेपाल भाषा सहित उनके करिब ४०० गीत रेकर्ड हुई हैं ।
मिली जानकारी के अनुसार पन्नाकाजी के चार लड़का और एक लड़की हैं । दो पुत्र प्रवेशमान शाक्य और पवित्रमान शाक्य गायन क्षेत्र में ही क्रियाशील हैं । उन्हें आज ही टेकु दोभान में दाहसंस्कार किया जाएगा ।


