देश का प्रतिष्ठित उधोगपति बनने का ख्वाब : सुबोध कुमार गुप्ता
अपने पिता के समय में ५ कर्मचारी रख कर शुरु किए गए खाद्यान्न के व्यवसाय को बेटे सुवोध कुमार गुप्ता ने बढ़ा कर उस व्यवसाय को सौ से ज्यादा को रोजगार देने वाले उद्योग के रूप में स्थापित कर दिया । मोहित ग्रुप के प्रबन्ध निदेशक सुबोध कुमार गुप्ता ने अपने पुस्तैनी मकई, गेहुं और धान के थोक ब्यवसाय को ही निरन्तरता देते हुए आज चार चावल और सोयाबिन की बड़ी बनाने वाले उद्योग खोल चूके हैं । हाल
वीरगंज उद्योग वाणिज्य संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी भी बखूबी सम्हाल रहे ४२ वर्षीय गुप्ता २० साल से चावल के व्यवसाय में संलग्न हैं । गुप्ता का वीरगंज के रानीघाट में स्थायी घर है । शुरुआत में २५ लाख रूपये की लागत में खोले गए चावल उद्योग में अभी उनका ५ करोड़ से ज्यादा का निवेश है । वार्षिक टर्न ओवर २५ करोड़ रूपये वाले मोहित ग्रुप को गुप्ता ने ५० करोड़ से ज्यादा का बनाने का लक्ष्य लिया है ।
एसएलसी (मौट्रिक) परीक्षा से ले कर एमएससी तक प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण गुप्ता को अच्छी शिक्षा की वजह से पिता ईन्जीनियर बनाना चाहते थे । उसी अनुरूप गणित विषय लेकर भारत के पटना में अध्ययन कर रहे गुप्ता को बीएससी करने के बाद सरकारी नौकरी करने का मन हुआ । पर अन्तत एमएससी की पढ़ाई पूरी करने के बाद गुप्ता ने व्यवसाय में रुचि ली और एक सफल उद्यमी बनने का प्रण लिया । उन के चावल मिल से

उत्पादित चावल देश के विभिन्न शहर और राजधानी काठमाडंू के नागरिकों का पेट भर रहे हैं । भारत से निर्वाध रूप से आयात हो रहे चावल के कारण देश के चावल उधोग का भविष्य संकट में पड़ने के कारण गुप्ता चिन्तित हैं । गुप्ता कहते हैं “अपने देश में ही ३ सौ ५० चावल उद्योग के होते हुए भी चावल आयात करना या होना अपने आप में दुर्भाग्यपूर्ण है ।” गुप्ता आगे कहते हैं “सरकार की अपरिपक्व औधोगिक नीति के कारण अपने ही पैर में कुल्हाड़ी मारने का काम हो रहा है ।”
गुप्ता के मोहित ग्रुप में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप में १५० लोगों कों रोजगार मिला है । उन्होन्ने अपने उद्योग में सबको बराबर काम बांट दिया है । कार्याधिकार दूसरों को दे कर वह खुद सिर्फ मानिटरिगं करते हैं । वह जिम्मेदारी को सौंप कर अपने अधीनस्थ कर्मचारी के ऊपर के विश्वास को ही सफलता का सूत्र मानते हैं । गुप्ता जिम्मेदारी सौंपने के बाद सिर्फ उसका परिणाम देखते हैं और कोई भी कठिनाई होने पर उसको हल कर देते हैं । गुप्ता सरकार के समय सापेक्ष खाद्य नीति न बनाने के कारण शिकायती लहजे में कहते हैं “सरकार अगर अच्छी खाद्य नीति बनाए तो हम चावल निर्यात करने में सक्षम हैंैं ।” उनके विचार में चावल उधोग में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा है चावल व्यवसायियों को सिर्फ सरकार की तरफ से समस्या है । इसके लिए वो देश के चावल उद्योग को संरक्षण करने के लिए सरकार को देश के उत्पादन से अपर्याप्त चावल ही भारत से कोटा प्रणाली से आयात करने की मागं बार–बार उठाते आ रहे हैं ।
गुप्ता की आगे की योजना दूसरा चावल उद्योग खोलने की है । आम जनता स्वास्थ्य के प्रति सचेत होते जाने से आधे उबले हुए चावल की मांग बढ़ गई है । इसीलिए गुप्ता इसी का प्लांट लगाने की सोच में हैं । इसके लिए आवश्यक ड्रायर और बुआयलर मशीन लगाने के लिए और ३ करोड़ रूपए चाहिए जिसे जुटाने और अपनी योजना पूरी करने में गुप्ता का ध्यान केन्द्रित हैं । उनका मानना है कि एक सफल व्यवसायी और उद्यमी बनने के लिए आर्थिक नगरी वीरगंज एक बड़ा शहर है । इसीलिए इस शहर में पैदा होना वह अपने लिए बड़ी शान की बात मानते हैं । अपने पिता के काम करने का तरीका और ईमानदारी से अत्यन्त प्रभावित गुप्ता खुद भी उसी रास्ते में चलते हुए देश के प्रतिष्ठित उद्योगपति बनने का सपना ले कर चल रहे हैं । लायंस कल्ब ऑफ वीरगंज आदर्शनगर के अध्यक्ष, कलवार कल्याण समिति पर्सा के सचिव, नेपाल बाल संगठन सहित अन्य संस्था के साथ जुड़ कर गुप्ता विभिन्न सामाजिक कार्य में योगदान दे चुके हैं । वह आर्थिक सहायता भी करते हैं पर गोप्य रूप से ।
अभी हाल ही में पर्सा जिले कें अलौ में अवस्थित मोहित ग्रुप ने डीलर्स मिट कार्यक्रम के द्वारा मोहित ग्रूप और उसके उत्पादन त्रिलोकी, साहिल, मोहित और बासुदेव ब्रांड की चावल और सोयाविन बडी के बारे में जानकारी दी थी । गुप्ता ने मोहित ग्रुप के अधीन ३ कंपनी रहने के बारे में बताते हुए उसी के अधीन के एक कंपनी द्वारा सोयाविन बड़ी का उत्पादन किए जाने की जानकारी दी थी । मोहित ग्रुप ने हाल के दिनों में चावल और सोयाविन बड़ी दोनों में करीब १५० करोड़ रूपए के वार्षिक कारोवार करने के साथ ही प्रत्यक्ष २०० लोगोंं को रोजगार भी दिया है ।
गंडकी और धौलागिरी अंचल से आए हुए करीब १०५ डिलर्स को गुप्ता नें अपनी आगामी योजना के बारे में जानकारी देते हुए मोहित ग्रुप से जुड़ने के लिए उन डीलरों का आभार प्रकट किया । गुप्ता ने उसी डीलर्स मिट कार्यक्रम में १६.५ यानि १ ट्रक चावल खरीदने पर २१ हजार रूपये तक की छूट स्किम के बारे में जानकारी दी । गुप्ता की स्किम घोषणा के बाद २१ ट्रक चावल खरीदने के लिए व्यवसायियों द्वारा बुक किया गया था ।
अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरुक गुप्ता नियमित रूप से हेल्थकल्ब जाते हैं । पढ्ने में अत्यन्त रुचि रखने वाले गुप्ता सफल व्यक्तियों की जीवनी पढ़ना पसंद करते हैं । फुरसत का समय वह परिवार के साथ बिताना पसंद करते हैं । अपनीे सफलता में मां और पत्नी दोनों का बराबर का योगदान मानने वाले गुप्ता कहते हैं कि “इन दोनों का ही स्थान मेरे जीवन में सर्वोपरि है ।” धार्मिक प्रवृत्ति के होते हुए भी गुप्ता कट्टरपंथी न हो कर मानवतावादी सोच रखते हैं । वह सभी धर्मों के प्रति सद्भाव रखते है पर खुद के हिंदू होनें में गर्व भी करते हैं । गुप्ता बताते हैं कि नियमित रूप से एकादशी का व्रत करते हैं, यह व्रत करना उन के परिवार की परंपरा ही बन गई है ।
क्याजुजल या ईनफर्मल कपडेÞ पहनने में रुचि रखने वाले गुप्ता नें चीन और भारत का भ्रमण किया है । किसी राजनीतिक दल के प्रति विशेष झुकाव न रखने वाले गुप्ता जिस राजनीतिक दल की सरकार अच्छा काम करके देश के नागरिकों का मन जीतेगी, उसी का समर्थन करने की सोच रखते हैं । अपने जीवन से पूर्ण रूप से सन्तुष्ट गुप्ता खुद के नेपाली होने पर गर्व करते हैं । उनका कहना है कि सरकार को शान्ति सुरक्षा और पूर्वाधार निर्माण में विशेष ध्यान देना चाहिए । अभी हाल के दिनों में देश कीे प्रतिकूल परिस्थिति और राजनिति के कारण हम लोग विकास के मामले में पीछे हैं । देश के प्रति चिन्तित गुप्ता अंत में कहते हैं “नहीं तो हम लोग किसी से भी कम या पीछे नहीं है ।”
प्रस्तुतिः बिम्मी शर्मा, वीरगंज

