मोतिहारी चीनी मिल के मजदूरों ने किया आत्मदाह, पुलिस ने की फायरिंग
*मोतिहारी.मधुरेश*– बकाये रकम की भुगतान की मांग को लेकर मोतिहारी चीनी मील के मजदूरों का आंदोलन सोमवार की दोपहर उस समय उग्र हो गया जब सरकार के रवैये से आजिज होकर दो मील मजदूरों ने आत्मदाह करने के लिए अपने शरीर में आग लगा लिया। दोनों ने अपने ऊपर पेट्रोल छिड़क कर आत्मदाह करने का प्रयास किया। दोनों मील मजदूर सूरज बैठा और नरेश श्रीवास्तव की हालत गंभीर बताई जा रही है। नरेश का शरीर 90 प्रतिशत तो सूरज बैठा का शरीर 50 प्रतिशत तक जल चूका है। उन लोगों को गंभीर हालत में इलाज के लिए मोतिहारी सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। देश के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री राधामोहन सिंह के संसदीय क्षेत्र में हुई इस हृदय विदारक घटना ने केन्द्र की मोदी सरकार की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगा दिया है। इस आत्मदाह की घटना के बाद विपक्ष ने केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री राधामोहन सिंह पर हमला तेज कर दिया है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि केन्द्रीय मंत्री जब अपने इलाके के किसान-मजदूरों को उनका हक नहीं दिला पा रहे हैं तो कृषि मंत्री के पद पर बने रहना बेकार है। उन्हें नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए।

आपको बता दें कि चीनी मील के मजदूरों का करोड़ों रुपया मील प्रबंधन के यहां बकाया है। अपने बकाये रकम के भुगतान की मांग को लेकर ये मजदूर पहले भी प्रदर्शन कर चुके हैं। आज भी प्रदर्शन चल रहा था, आंदोलनकारी प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे।

इसी बीच दो आंदोलनकारियों ने अपने ऊपर पेट्रोल छिड़क कर आग लगा लिया। जिसके बाद प्रदर्शनकारी और भी ज्यादा उग्र हो गए। मजदूरों के उग्र आंदोलन पर काबू पाने के लिए पुलिस-प्रशासन को दर्जनों राउंड हवाई फायरिंग करना पड़ा। साथ ही पुलिस ने आंसू गैस के गोले भी छोड़े। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठी चार्ज भी किया। पुलिसिया कार्रवाई में कई लोगों को चोटें भी आई है। आंदोलनकारियों एवं पुलिस के बीच झड़प की भी सूचना है। इस घटना की सूचना पाकर जिले के एसपी जितेन्द्र राणा भी चीनी मील गेट पहुंचे। श्री राणा आंदोलन स्थल पर कैंप कर पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाये हुए हैं। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बतायी जाती है। मजदूरों के आत्मदाह के बाद जिले के किसानों समेत मील मजदूरों में भारी आक्रोश है। चंपारण संघर्ष मोर्चा के नेता और जिले के सफल किसान राय सुंदरदेव शर्मा ने आंदोलनकारी मजदूरों पर की गयी पुलिसिया कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि आज की पुलिसिया कार्रवाई ने अंग्रेजी हुकुमत में निलहे किसानों पर हुए अत्याचार की याद को ताजा कर दिया है। श्री शर्मा ने कहा कि सत्याग्रह शताब्दी वर्ष में मजदूरों पर कार्रवाई कर पुलिस-प्रशासन ने एक तरह से महात्मा गांधी के विचारों पर हमला किया है। उन्होंने घायल मजदूरों का बेहतर इलाज सरकारी खर्चे पर कराने एवं चीनी मील प्रबंधन के जिम्मे किसान-मजदूरों के बकाये रकम की अविलंब भुगतान की मांग की है। श्री शर्मा ने चीनी मील मालिक समेत प्रबंधन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की भी मांग की है।
नोट-आत्मदाह वाले खबर में इसे भी जोड़े—
सूबे के पूर्व डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी और बिहार भाजपा के पूर्व अध्यक्ष मंगल पांडेय मोतिहारी पहुंच गये हैं। दोनों नेताओं ने सदर अस्पताल पहुंच कर आत्मदाह से घायल मजदूरों का हालचाल पूछा। बाद में मिडिया से बात करते हुए मोदी ने कहा कि बिहार सरकार की दमनकारी नीतियों का शिकार होकर इन मजदूरों ने आत्मदाह का प्रयास किया है। अगर इन गरीब मजदूरों का बकाया पैसा समय पर मिल गया होता तो आज यह नौबत नहीं आती। उन्होंने पूरे घटनाक्रम के लिए चीनी मील प्रबंधन एवं बिहार सरकार को जिम्मेवार ठहराया। वहीं मंगल पांडेय ने कहा कि आज की पुलिसिया कार्रवाई ने हिटलर शाही की याद ताजा कर दी है। उन्होंने कहा कि बिहार में सरकार नाम की कोई चीज नहीं है। यहां प्रशासन बेलगाम हो गया है। श्री पांडेय ने घायल मजदूरों की सरकारी स्तर पर इलाज कराने, दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने एवं बकाये का भुगतान अविलंब करने की मांग की है। अस्पताल में मोदी के साथ मोतिहारी के विधायक प्रमोद कुमार, कल्याणपुर के विधायक सचिन्द्र प्रसाद सिंह, एम एल सी बब्लू गुप्ता, किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश कुमार सिंह, जिला भाजपाध्यक्ष राजेन्द्र गुप्ता एवं जिला भाजपा के उपाध्यक्ष बसंत कुमार मिश्रा भी मौजूद थे।




