राजपा नेपाल के पहलें बैठक में किस नेता नें क्या कहा (पुरी पाठ)

हिमालिनी डेस्क
काठमांडू, ३ मई ।
राजपा नेपाल के पार्टी एकिकरण बैठक पार्टी के संयोजक महन्थ ठाकुर के अध्यक्षता मे कल अमृतभोग के सभागार में सम्पन्न हई ।
बैठक में पार्टी के संयोजक महन्थ ठाकुर ने मधेश आन्दोलन के दौरान सरकार द्वारा १२४ मधेशी सपुतों की हत्या, मधेशीयों के साथ किया गया अत्याचार तथा सरकारद्वारा जर्वजस्ती की गई गिरफ्तारी के बारे में जानकारी देते हुयें कहा कि शहीद परिवारों की क्षतिपुर्ती का उपलब्धता तथा आन्दोलनकारियों को जेल से रिहा करवानें के लिए सरकार के अनेक बार वार्ता हुई, सम्झौते भी हुये लेकिन अभितक कोई कार्यान्वन नहीं हो पाया हैं ।
संविधान संशोधन के बारे मे चर्चा करतें हुये संयोजक ठाकुर ने कहा की मौजुदा संविधान में नागरिकता, भाषा, प्रतिनिधित्व, सीमांकन जैसे मुदों को समाधान कियें बगैर चुनाव की तारिख घोषणा की । उन्होने यह भी कहा की संविधान संशोधन बगैर चुनावी प्रक्रिया में शामिल नहीं होगें ।
अवसर पर राजपा नेपाल के अध्यक्ष मण्डल के अध्यक्ष राजेन्द्र महतो ने कहा कि हमारी एकता से मधेश खुस हैं लेकिन सताधारी और प्रतिपक्षी बिेहोस हैं ।
उन्होने कहा शाषक वर्ग सदियों से मधेशी, जनजाती, अल्पसंख्यक आदी समुदायों के साथ शोषण एवंम विभेद करते आ रहे हैं । शाषक वर्ग हमारी ही ताकत से संविधान बनाया और हमारी ही गरदन काट डाली । अव हमें इट का जवाफ पत्थर से देने की ताकत मिल गइइ हैं । हम अपना अधिकार लेकर ही रहेंगें ।
उन्होने संशोधन मजबुत बनाने के लिए स्थानिय स्तर से केन्द्र स्तर तक शसक्त रुप से अभियान संचालनार्थ पार्टी के नेता कार्यकर्ताओं को आग्रह किया ।
अध्यक्ष मण्डल के अध्यक्ष महेन्द्र यादव नें कहा कि मौजुदा संविधान में मधेश के पहिचान को स्थापित करने के लिए ही ६ दलों के वीच एकिकरण हुआ हंै । उन्होने पार्टीको अनुशासित ढँग से आगे बढाने के लिए कार्यकर्ताओं से आग्रह किया । उन्होने पार्टीको सिर्फ मधेश मे नहीं बल्की हिमाल व पहाडों मे भी विस्तार करनें की आवश्यताओं पर बल दिया ।
चुनावी प्रक्रिया के बारे में चर्चा करतें हुयें अध्यक्ष यादव नें कहा कि मौजुदा मागों की संशोधन कियें वगैर हम चुनावी प्रक्रिया में भाग नहीं लेगें ।
अध्यक्ष मण्डल के अध्यक्ष शरतसिंह भण्डारी नें कहा हैं कि एकिकरण से पूर्व हमलोग एक आपस मे प्रतिस्पर्धा कर रहें थें । जिन से प्रतिस्पर्धा करनी थी उनसे नही प्रतिस्पर्धा करते थें ।
उन्होने अतित को दोहराते हुयें कहा की हमारे बीच ‘मैं’ का भावना था ‘हम’ की भावना नहीं थी । इस लिए हम पिछे पडते गए । पार्टी की छाटा सिर्फ मधेश के लिए ही नहीं बल्की देश के लिए बनाने की आवश्यता हैं । उन्होने मधेश, दलित, जनजाती, मुस्लिम आदी समुदायों के सहअस्तित्व के अधार पर जोडने पर बल दिया ।
अध्यक्ष मण्डल के अध्यक्ष अनिल कुमार झा नें कहा की बिगत मे हम पृथक होकर चुनाव लडे संगठन कियें, विरोध भी कियें लेकिन हम आगे नहीं बढ पाए । अव हमारे बीच एकिकरण हुआ हैं । इस एकिकृत पार्टी के द्वारा सिर्फ मधेश के लिए ही नहीं देश के लिए भी काम करेंगें । उन्होने मधेश के दलित जनजाती, तथा हिमाल व पहाड के जनजातियों को भी आवद्ध करनें की आवश्यताओं पर बल दिया ।
अध्यक्ष मण्डल के अध्यक्ष राजकिशोर यादव नें कहा की जनता की आकक्षाँओं की भावनाओं की कदर करतें हुयें पार्टी एकिकरण हुआ । अव जनता की हक और अधिकारों के लिए हम सदा हि तत्पर रहेंगें ।






