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सरकार को उठाना होगा कारगार कदम-सीमा विश्वकर्मा

 

सरकार द्वारा प्रदत्त छात्रवृत्रि के लिए विद्यालय के बजाय अन्य एजेन्सियों का चयन, समय पर पुस्तक उपलब्ध कराना तथा शिक्षकों को समय पर वेतन देना आदि कुछेक ऐसे कदम हैं, जिसे आत्मसात कर सरकारी स्कूली शिक्षा को पटरी पर लाया जा सकता है । साथ ही अभिभावकों

सीमा विश्वकर्मा, अधिकारकर्मी, सप्तरी

को जागरुक करना भी आवश्यक है ताकि वे अपने बच्चों के घर पर पढ़ाई के प्रति सतर्क रहे । प्रायः देखा जाता है कि आर्थिक लाभ के लिए अभिभावक सजग रहते हैं, लेकिन बच्चों की पढ़ाई को लेकर कभी विद्यालय नहीं आते हैं । वर्तमान शिक्षा व्यवस्था की समीक्षा भी आवश्यक है क्योंकि इससे पूर्व आधारभूत संरचना की कमी के बावजूद कुछ हद तक शिक्षा का स्तर ठीक था लेकिन आज क्या हो गया कि कुछ सरकारी विद्यालयों में आधारभूत संरचना उपलब्ध होने पर भी शिक्षा का स्तर गिरा हुआ है । विद्यालय व्यवस्थापन समिति को भी भंग कर अन्य वैकल्पिक व्यवस्था करनी होगी । इसके गठन से शिक्षा में कितना सुधार हुआ, कहा नहीं जा सकता लेकिन इतना तो सच है कि विद्यालय राजनीतिक का अखाड़ा बन गया और शैक्षिक माहोल नष्टप्राय–सा हो गया ।

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