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नेपाल के रास्ते भारत में घुसते हैं आतंकी – भारतीय गृहसचिव

 

नक्सलवाद की चर्चा करते हुए केंद्रीय गृह सचिव आरके सिंह ने कहा है कि जिस शत्रु का हम सामना कर रहे हैं, वह हिंसा में विश्वास करता है। उन्होंने कहा कि देश की आतंरिक चुनौतियां बेहद कठिन हैं। केंद्रीय गृह सचिव सोमवार को यहां भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल -आईटीबीपी) के सेक्टर मुख्यालय का उद्घाटन करने आए थे।
आईटीबीपी के सेक्टर मुख्यालय के उद्घाटन अवसर पर केंद्रीय गृह सचिव ने कहा, ‘हम लोगों के सामने सीमा के साथ ही बहुत सारी चुनौतियां हैं। लेकिन देश के सामने की आंतरिक चुनौतियां बहुत कठिन हैं।’ नक्सलवाद की चर्चा करते हुए सिंह ने कहा कि पिछले कुछ दिन में भी हमारे कुछ साथी शहीद हो गए। उन्होंने कहा,’यह एक लडर्Þाई है। जिस शत्रु का हम सामना कर रहे हैं, वह हिंसा में विश्वास करता है।’ सिंह ने कहा,’कुछ लोग कहते हैं कि मामले को बातचीत के जरिए सुलझाया जा सकता है। लेकिन उनसे बातचीत करने को कुछ है ही नहीं।’
उन्होंने कहा, ‘उनका -माओवादियों) मानना है कि प्रजातांत्रिक व्यवस्था सही नहीं है। वे प्रजातांत्रिक व्यवस्था को हटाकर एक कम्युनिस्ट व्यवस्था लागू करना चाहते हैं, जो चीन की एकल पार्टर्ीीासन जैसी होगी।’ उन्होंने कहा, ‘ऐसा वे बलपर्ूवक करना चाहते हैं और वे प्रचार करते हैं कि हम गरीबों और आदिवासियों के लिए लडÞ रहे हैं। यह एक बहाना है।’ उन्होंने दावा किया कि जितने लोग उनके द्वारा मारे गए हैं, उनमें से ज्यादातर आदिवासी और गरीब ही हैं। उनकी लडर्Þाई संबंधित क्षेत्र में वर्चस्व के लिए है। उन्होंने कहा कि जहां वे अपना वर्चस्व जमाने में सफल हो जाते हैं, वहां जो भी व्यक्ति काम करने जाएगा उनसे लेवी वसूलते हैं और अपनी न्याय प्रणाली को लागू करते हैं। इसके खिलाफ सरकार लडÞ रही है।
आरके सिंह ने जेहादी आतंकवाद को देश के समक्ष दूसरी चुनौती बताया। उन्होंने कहा,’सरहद के उस पार के साथ नेपाल होकर यहां लोग आते हैं। यहां अपना घर जमाते हैं। बहुत दिन रहते हैं और कुछ लोगों को अपना मकसद पूरा करने के लिए उत्पे्ररित करते हैंं, जो दूसरी जगह जाकर आंतकी गतिविधियों अंजाम देते हैं।’ उन्होंने माओवाद और जेहादी आतंकवाद दोनों से लडÞने में खुफिया तंत्र की जरूरत पर बल दिया। सिंह ने कहा कि ऐसे में गृह मंत्रालय के समक्ष बहुत सारी चुनौतियां हैं। लेकिन उन्हें पूरा विश्वास है कि हम और आप मिलकर इन चुनौतियों से निपटेंगे और देश को सुरक्षित रखेंगे।
पिछले कुछ सालों में आंतरिक सुरक्षा के अर्द्ध सैनिक बल सहित विभिन्न संस्थाओं का संस्थागत और उनकी जरूरत के मुताबिक सुदृढÞ किया गया है। उन्होंने कहा कि हमारे समक्ष जो चुनौतियां हैं उसके मुताबिक आवश्यक आधारभूत संरचना नहीं है और उसी कमी को पूरा किया जा रहा है। इसकी एक कडÞी आईटीबीपी के सेक्टर मुख्यालय का आज यहां उद्घाटन होना है। सिंह ने कहा,’हमारे जो भी बल हैं वे बहुत मानसिक दबाव में रहते हैं ऐसे में उन्हें प्रशिक्षण का समय नहीं मिल पाता है और इसके लिए माकूल जगह भी नहीं है।’
उन्होंने कहा कि इन दोनों मामलों का हल निकालने की हम कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आईटीबीपी सहित अन्य जो भी बल मोर्चे पर हैं, उनके जीवनयापन के स्तर और सहुलियतों को बेहतर बनाने की दिशा में कुछ काम किया गया है। लेकिन अभी भी बहुत कुछ करना बाकी है। इस दिशा में गृह मंत्रालय काम कर रहा है। सिंह ने कहा कि आईटीबीपी सहित अन्य बलों को आंतरिक सुरक्षा के कामों में भी लगाया जाता है। इस अवसर पर आईटीबीपी के महानिदेशक रंजित सिन्हा, बिहार के गृह सचिव आमिर सुबहानी और प्रदेश के पुलिस महानिदेशक अभयानंद सहित कई अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद थे।

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