उत्तरी बिहार कई जलबंध टूटे कई गाँव जलमग्न
१२ अगस्त
उत्तर बिहार की नदियां विकराल रुप धारण करते हुए तबाही मचानी शुरु कर दी है। बेतिया के पंडई नदी खतरे के निशान से ऊपर बहते हुए इस हद तक विकराल हुई कि अब वह त्रिवेणी कनाल के तटबंध को तोड़कर उसमें प्रवेश कर गई है।वही मनिहारी, ओरिया समेत नरकटियागंज गौनाहा और मैंनाटांड़ क्षेत्रों से प्रवाहित होने वाली छोटी बड़ी आधा दर्जन नदियां तटीय गांवों के साथ साथ कुछ दूर के गांवों के लिए तबाही का कारण बन गई है। चारों तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा है।कई जगह स्कूलो पर खतरा बढ़ गया है। पिछले दो दिन से पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश की वजह इन नदियों में क्षमता से काफी अधिक पानी प्रवाहित होने से आसपास के तटीय इलाकों और गांवो को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। कई किमी तक फसलें बाढ़ की पानी में डूबकर किसानों में तबाही मचा दी है।बड़े खतरे की आशंका से लोग भागने के प्रयास में हैं। जबकि मैनाटांड़ के पीड़ारी छठिया घाट के पास दोन कनाल का भी तटबंध टूट गया है। इसके कारण दर्जनों गांव में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। लोगों का जीवन प्रभावित हो चुका है।सबसे अधिक नुकसान किसानों का हुआ है। सैंकड़ों एकड़ में लगी फसल डूब चुकी है। खेती पूरी तरह से बर्बाद हो चुका है। पूरा इलाका जलमग्न हो गया है। पूरी स्थिति पर प्रशासन नजर बनाये हुए है।


