नेपाल कोई पानी नहीं छोड़ रहा है, जानिये सच्चाई
जल एवं नदी विशेषज्ञ श्री दिनेश मिश्र के फेसबुक वॉल से साभार
मैं तो कहते कहते तंग आ गया, कोई न्यूज़ चैनेल वालों को समझाए कि नेपाल कोई पानी नहीं छोड़ रहा है. छोड़ेगा वही जिसने पकड़ रखा होगा. कोसी , गंडक, कमला नदी पर जो बराज बनी है उसका संचालन बिहार जल संसाधन विभाग के इंजीनियर करते हैं और हम समझते हैं कि अगर कोई पानी छोड़ रहा है तो यही लोग उसके कर्ता-धर्ता हैं. यह काम बिना बिहार के जल संससाधन विभाग की मर्ज़ी और सहमति के नहीं हो सकता. बागमती पर एक बराज नेपाल में करमगिया में और कमला पर दूसरा बराज बना हुआ है जो भारत-नेपाल सीमा से 70 कि. मी. के आसपास है. मैदानी इलाके में इतनी दूरी पर स्थित बराज का बाढ़ पर कोई खास असर नहीं पड़ता, ऐसा सभी मानते हैं
साल 2004 में तत्कालीन मुख्यमंत्री राबड़ी देवी द्वारा नेपाल से पानी छोड़े जाने की बात कहने पर नेपाल ने विरोध व्यक्त किया था और उन्हें माफी मांगनी पड़ी थी. लेकिन यह बात बार बार कह कर बिहार की जनता के दिमाग में भर दी गई है कि यहां की बाढ़ के लिये नेपाल जिम्मेवार है जबकि यह पानी सदियों से हिमालय से आ रहा है. यह कथन नेताओं के माफिक पड़ता है इसलिये वह कुछ बोलते नहीं हैं , इंजीनियरों का आम आदमी से वार्तालाप नहीं है और अंदर अंदर उन्हें भी अच्छा लगता ही होगा कि उनकी बला नेपाल पर टल जाती है. हमारे जैसे लोग जब मीडिया को यह बात बताते हैं तो वह इस पर ध्यान नहीं देते क्योंकि उन्हें मसाला परोसना होता है और वह मसाला नेपाल का नाम लेने में मिलता है. बाढ़ अगर है तो उसके लिये जिसका दायित्व बनता है उसी को जिम्मेवार ठहराना चाहिये.
newsofbihar.com से साभार
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