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जनकपुर में सितायन महाकाव्य का भव्य लोकार्पण

 


जनकपुर 29 अक्टूबर । नेपाल हिंदी प्रतिष्ठान जनकपुर और भाषा संगम इलाहाबाद के संयुक्त तत्वाधान में एक कार्यक्रम आयोजित कर सितायन महाकाव्य का लोकार्पण किया गया ।कार्यक्रम की अध्यक्षता नेपाल हिंदी प्रतिष्ठान के अध्यक्ष श्री राजेश्वर नेपाली जी ने किया ।प्रमुख अतिथि प्रा डॉ सूर्यनाथ गोप और प्रमुख अतिथि इलाहाबाद से आये भाषा संगम के महासचिव एम गोविन्दराज, शांतिनिकेतन से आये डॉ रामचन्द्र रॉय, भारत से आये श्री बिजय चितौरी जी, श्री राजेन्द्र शुक्ल जी, श्री चन्द्रभानु शास्त्री त्रिपाठी जी, भानु प्रताप सिंह भानु, शंकरलाल मजौद, महेन्द्र श्री वास्तव एवं फूलचंद पटेल जी के अतिरिक्त हिंदी केंद्रीय विभाग की अध्यक्ष डॉ संजीता वर्मा एवं पूर्व अध्यक्ष डॉ श्वेता दीप्ति जी की सादर उपस्थिति थी ।कार्यक्रम में कविता वाचन भी किया गया जिसमें भारत और नेपाल के कवियों ने अपनी सहभागिता जताई ।भाषा संगम के द्वारा हिंदी साहित्य में सक्रिय योगदान हेतु कुछ विशिष्ट जनो को सम्मनित किया गया । सम्मानित होने वालों में, श्री युगलकिशोर लाल, चन्द्रशेखर प्रसाद रौनियार, डॉ श्वेता दीप्ति, हरीदयनारायन चौधरी, रामस्वार्थ ठाकुर, रामहृदय प्रसाद, रामरतन यादब आदि थे ।नेपाल हिंदी प्रतिष्ठान के द्वारा भारतीय विद्वानों को सम्मनित किया गया ।कार्यक्रम में पूनम झा मैथिल जी ने स्वागत गान प्रस्तुत किया ।कार्यक्रम में श्री युगलकिशोर निधि, पूर्व मेयर बजरंग प्रसाद साह, प्रा महेन्द्रनारायन मिश्र, संत सत्य नारायण आलोक, रूपनारायण झा, उपेंद्र प्रसाद कमल, जनार्दन मंडल, पूर्व प्राज्ञ रामभरोस कापड़ी एवम डॉ आशा सिन्हा जी की गरिमामयी उपस्थिति थी ।स्वागत मंतव्य डॉ आशा सिन्हा जी ने दिया और धन्यवाद ज्ञापन विजय चितौरी जी के द्वारा दिया गया ।

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