Sun. Sep 27th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

कवि सीताराम प्रकाश की कविता संग्रह “मैं बीज हूँ” का विमोचन

 

काठमान्डौ ३ मार्च | कवि सीताराम प्रकाश की तीसरी कविता संग्रह “मैं बीज हूँ” का आज विमोचन किया गया । कवि की यह तीसरी कविता संग्रह है । इसके पूर्व “जिए स्वाभिमान भी” और “तुम्हीं से कहता हूँ” प्रकाशित हो चुकी है । कार्यक्रम में हिन्दी के वरिष्ठ साहित्यकार डा.रामदयाल राकेश, विश्लेषक श्री सीके लाल, प्रो. डा. वीरेन्द्रप्रासद मिश्र, श्री सुकेश्वर पाठक, श्री हरि चरण शाह, संगीत साधक गुरुदेव कामत, गोपाल ठाकुर. बिनीत ठाकुर, माननीय रामेश्वर राय, ग्यानुवाकरजी आदि कई गणमान्य व्यक्ति की उपस्थिति थी । कार्यक्रम की अध्यक्षता नेपाली भाषा के साहित्यकार श्री शैलेन्द्र साकार जी ने किया । कविता संग्रह “मैं बीज हूँ” पर त्रिभुवन विश्वविद्यालय हिन्दी विभाग की पूर्व अध्यक्ष एवं हिमालिनी हिन्दी मासिक की संपादक डा श्वेता दीप्ति ने अपने विचार व्यक्त किए ।

यह भी पढें   सुख वहीं बसता है, जहाँ सरलता, प्रेम और समझदारी का संगम हो : बिमल सरार्फ

सभी गणमान्य विद्वत जन ने कविता संग्रह पर विचार व्यक्त करते हुए कवि प्रकाश को अपनी शुभकामना व्यक्त की और भविष्य में भी इसी तरह के काव्य कृतियों के प्रकाशन की अपेक्षा की । कार्यक्रम में यह माना गया कि हिन्दी नेपाल की एक परिचित और स्थापित भाषा है जिसके महत्तव को नकारा नहीं जा सकता है । कवि सीताराम प्रकाश ने अपनी कुछ कविताओं का वाचन भी किया । कविता संग्रह की कविताओं के तेवर क्रांतिकारी और विद्रोही हैं । कवि ने अपनी कविताओं में देश और समाज के हर पहलू को छूने की कोशिश की है और अभिव्यक्त करने में सफल भी हुए हैं ।

यह भी पढें   पूर्व प्रधान न्यायाधीश चोलेन्द्र शमशेर राणा को सुरक्षा खतरे के बाद पुलिस ने टेकू कार्यालय में रखा

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may missed

WP2Social Auto Publish Powered By : XYZScripts.com