Wed. Aug 26th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

नेपाल–भारत सहयोग मञ्च द्वारा शोकसभा

 

वीरगंज, ५ मार्च । नेपाल–भारत सहयोग मञ्च, वीरगंज ने शंकराचार्य जयेन्द्र सरस्वती की निधन पर वीरगंज में शोकसभा आयोजन किया है । वीरगंज स्थित शंकाराचार्य द्वार में आयोजित शोकसभा की अध्यक्षता मञ्च के ही राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक वैद्य ने किया । शनिबार आयोजित उक्त श्रद्धाजली सभा में प्रदेश नं. २ के मुख्यमन्त्री लालबाबु राउत, मन्त्री जितेन्द्र सोनल, सांसद हरिनारायण रौनियार, वीरगञ्ज के मेयर विजय कुमार सरावगी, भारतीय महावाणिज्यदूत बीसी प्रधान आदि विशिष्ठ व्यक्तित्व की उपस्थिति थी ।

यह भी पढें   रसुवा की भीषण बाढ़ अब त्रिशूली नदी होते हुए आगे बढ़ी, नदी किनारे के इलाकों में हाई अलर्ट


इसीतरह विधायक करीमा बेगम, रागनी वर्णवाल, उद्योगपति बाबूलाल अग्रवाल, जिलाधिकारी विनोद प्रकाश सिंह, एसएसपी सूर्य प्रसाद उपाध्याय, एसपी डॉ. गणेश रेग्मी, रक्सौल सांसद प्रतिनिधि राजकिशोर राय उर्फ भगत जी, भाजपा नेता प्रो.मनीष दुबे, गुड्डू सिंह, मनोज शर्मा, पिंटू गिरि, व्यवसायी महेश अग्रवाल भी उपस्थित थे । उन सभी ने स्व. शंकाराचार्य जयेन्द्र सरस्वती को श्रद्धाञ्जली अर्पण किया । कार्यक्रम में मञ्च के अध्यक्ष वैद्य ने स्व. शंकाराचार्य की संक्षिप्ति प्रस्तुती दिया ।

यह भी पढें   मुख्यमंत्री थापा का विश्वास मत एक दिन के लिए टला


कार्यक्रम के वक्ताओं ने जगतगुरु शंकराचार्य कांचीपुरम जयन्द्र सरस्वती के नेपाल से लगाव पर चर्चा किया । बताया कि उनकी नेपाल से काफी लगाव रहा है । वक्ताओं को मानना है कि राजा की शासन काल से मावोआदी जनयुद्ध और लोकतंत्र की स्थापना के समय तक वह नेपाल को लेकर चिन्तिन और सम्वेदनशील थे ।


कार्यक्रम को सम्बोधन करते हुए प्रदेश नं. २ के मुख्यमन्त्री लालबाबु राउत ने कहा कि शंकराचार्य द्वारा बताए मार्गो पर चलना ही उनके प्रति सच्चा श्रद्धाजंली होगी । उन्होने आगे कहा कि शंकराचार्य द्वार को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा । कार्यक्रम का संचालन मनोज कुमार उपाध्याय ने किया था ।

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

WP2Social Auto Publish Powered By : XYZScripts.com