मधेश अधिकार सम्पन्न हो इसके अलावा दुसरा कोई बिकल्प नहीं : रमेश
रामेश्वर प्रसाद सिंह (रमेश) गोलबजार-13, सिरहा (मधेश) | प्रदेश नंबर दो के सरकार को बर्खास्त कर राष्ट्रपति शासन लागु करने की साजिस हो रही है | विप्लब के नाम पर आपतकाल घोषणा कर के सैन्य परिचालन करने की राज्य की यह योजना मधेशीयों के नरसंहार के प्रति लक्षित हैं | माओवादी जनयुद्ध समय में भी तो यही होता था | एक तरफ से माओवादी ने मधेशी जनता को सैन्य सुराकी के नाम पर हत्या करते रहें तो दुसरी ओर से राज्य के सेनाओं ने माओवादी के नाम हत्या करते रहें | फिर से यही घटना को दोहराने की योजना में हैं शासक वर्ग |
चुनाव के वक्त ही मैं यह अभिव्यक्ति दिया करता था किंतु सत्ता के लोभ में दिगभ्रमित नेता एवं कार्यकर्ता को यह अभिव्यक्ति एक काल्पनिक लेख एवं रचनाएँ नजर आती थी | नजर आती भी न कैसे ? बिना विजन के राजनिति और राजनैतिक हवाओं की दिशा परखने में अयोग्य व्यक्ति मधेश के ठेकेदार के रुप में दर्शाए तो निश्चित हैं यही होगा |
सन् 1816 से हर काल खण्ड़ में नेपाली साम्राज्य मधेशी को समाप्त करने की योजना में लगे रहें और हर काल खण्ड़ में कुछ विभिसन उन्हें ही साथ देने में लगे रहें | जो नेता के जाति ने अमर मधेशी शहीद रघुनाथ ठाकुर “मधेशी” को भी पागल बोलते थे उनके जमात से भला अब क्या अपेक्षा करना ?
मधेश अधिकार सम्पन्न हो इसके अलावा दुसरा कोई बिकल्प नहीं | यह बात मधेशी जनता जितना जल्दी समझले उतना हि अच्छा अस्तित्व रक्षार्थ की संघर्ष के लिए होगा |


