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दिशाएं किस तरह से हमारे ऊपर असर डालती हैं?

 

दिशाओं का सम्बन्ध सूर्य और इसके प्रकाश से होता है. अलग अलग दिशाओं में अलग-अलग प्रकाश का प्रभाव अलग अलग ऊर्जा पैदा करता है. अलग हम दिशाओं को समझे बिना इस ऊर्जा के सम्पर्क में आते हैं तो इससे नुकसान होता है अन्यथा थोड़ी सी समझ रखकर हम हर दिशा से खूब लाभ ले सकते हैं

पूर्व दिशा का महत्व क्या है ?

– यह दिशा सबसे ज्यादा पवित्र और शक्तिशाली मानी जाती है

– इस दिशा की तरफ मुख करके कार्य करना हमेशा लाभदायक होता है

– यहाँ पर सूर्य और बृहस्पति का प्रभाव होता है

– इस दिशा से मान सम्मान यश और ज्ञान मिलता है

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– जहाँ तक हो सके पूजा पाठ ध्यान और पढाई पूर्व दिशा की और मुख करके करें

– अगर ढेर सारा मान सम्मान चाहिए तो पूर्व दिशा की ओर मुंह करके भोजन करें

पश्चिम दिशा का महत्व क्या है?

– पश्चिम दिशा भी अत्यंत उर्जावान दिशा है

– शनि इस दिशा में अत्यंत शक्तिशाली हो जाता है

– इस दिशा से रिश्ते , परिवार और खुशहाली प्रभावित होती है

– पश्चिम दिशा की ओर मुख करके ध्यान करने से और प्रार्थना करने से , तुरंत प्रभाव आता है

– इस दिशा की और भोजन करने से संघर्ष बढ़ता है

– अगर इस दिशा की और सर करके सोया जाय तो स्वास्थ्य ख़राब होता है और आर्थिक हानि होती है

उत्तर दिशा का क्या महत्व है?

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– यह दिशा धन और आर्थिक लाभ की दिशा है

– इस दिशा में मंगल प्रभावशाली होता है

– यह शक्ति और साहस भी प्रदान करती है

– इस दिशा की तरफ मुंह करके कार्य करना और व्यवसाय करना सर्वोत्तम होता है

– धन की प्राप्ति के लिए इस दिशा की तरफ मुख करके पूजा उपासना करनी चाहिए

– इस दिशा की और मुख करके भोजन करने से कम संघर्ष में ढेर सारी सफलता मिलती है

दक्षिण दिशा का क्या महत्व है?

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– आम तौर पर इस नकारात्मक या ख़राब दिशा समझा जाता है

– पर यह दिशा आयु और स्वास्थ्य को अच्छा कर सकती है

– इसके अलावा यह दिशा आकस्मिक लाभ और आकस्मिक उन्नति भी देती है

– इस दिशा की और मुख करके शनिवार को दीपक जलाने से बाधाएँ समाप्त होती हैं

– इस दिशा की ओर पैर करके कभी भी न सोयें , अन्यथा आयु और स्वास्थ्य का संकट हो सकता है

– इस दिशा की और मुंह करके भोजन करने से पेट की समस्याएँ और कल्पना की समस्याएँ हो सकती हैं

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