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सि.के. राउत की बंदी प्रत्यक्षीकरण मुद्दा १ महिना से बन्दी में !

हिमालिनी डेस्क, काठमांडौ १३ मंसिर २०७५, गुरुवार । रौतहट से गिरफ्तार किए गए स्वतन्त्र मधेश गठबन्धन के संयोजक डा.सीके राउतको एक के बाद दुसरी पक्राउ पुर्जी दी जा रही है। एक ही मुद्दा में बार-बार गिरफ्तार होकर रिहा होते आ रहे डा. राउत के खिलाफ अभी तक कोई भी ठोस सबूत पुलिस अदालत में नहीं पेश करपाई है । जैसे-तैसे किसी भी तरह डा.राउतको हिरासत में रखने की पुलिस की योजना रही हों ऐसा अभी तक के गतिविधियों से प्रष्ट है । बिते असोज २१ गते रौतहट से गिरफ्तार किए गए राउतको बार-बार अदालत में उपस्थित कराई जा रही है लेकिन, कोई फैसला नहीं हो पाया है ।

उधर, रौतहट प्रहरी की हिरासत में रहने पर भी नवलपरासी प्रहरी ने असोज २७ गते पक्राउ पुर्जी जारी किया है । जब की असोज २७ गते डा. राउत पुलिस हिरासत में ही थें । ईधर, बन्दीप्रत्यक्षीकरण के मुद्दा में भी बार-बार तारिख मात्र बढ़ाई जा रही है, तो पुलिस के द्वारा कोई ठोस सबूत अदालत में नहीं किए जाने पर रिहा होने की संभावना को देखकर नवलपरासी प्रहरी द्वारा पक्राउ पुर्जी जारी किया गया है ऐसा गठबन्धन के एक नेता ने बताया । चौथी बार बढ़ाई गई पेशी स्वतन्त्र मधेश गठबन्धन के संयोजक डा.सीके राउत की बन्दी प्रत्यक्षिकरण मुद्दाका पेशी चौथी बार बढ़ाई गई है । सरकारी पक्ष से सर्वोच्च अदालतको प्रमाण उपलब्ध ना कराने पर आदेश की पेशी बढ़ाई गई है । गुरुवार भी राउत विरुद्ध के प्रमाण कहीं गई पेन्ड्राइभ उपलब्ध ना कराने से पेशी बढ़ाई गई ।
डा.राउत के भैया डा. जयकान्त राउत ने कार्तिक १३ गते मुद्दा दर्ता करवाया था । कार्तिक १४ गते रस्ते के समय बाहके ५ दिन भितर स-शरिर उपस्थित करने का आदेश दिया था। किन्तु दी गई समय में उपस्थित न कराते हुए कार्तिक ३० गते शुक्रवार राउत को सर्वोच्च में उपस्थित कराया गया था । रौतहट जिल्ला अदालत से कागजात उपलब्ध ना कराने पर पेशी बढ़ाई गई थी । बन्दी प्रत्यक्षिकरण मुद्दा को प्राथमिकता रखने की प्रचलन होने पर भी सरकारी पक्ष से ही अवमूल्यन किए जाने की बात डा.राउत पक्ष के अधिवक्ताओं का कहना है । वरिष्ठ विद्वान अधिवक्ता सुरेन्द्र महतो, डा. सुरेन्द्र भंडारी, मुक्ति नारायण प्रधान, शंकर लिम्बु, नारायण झा को एक ही बात हर एक पेशी में दोहराना पड़ रहा है। डा.राउत को असोज २१ गते जिल्ला अदालत रौतहट में तारेख लेने के क्रम में पुलिस ने गिरफ्तार किया था। बुधवार को पुनः लगातार पेशी ना रखते हुए नयाँ पेशी मंसीर १४ गते शुक्रबार को लिए दी गई है।

 

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