वीरगंज में भारतीय गाडियाें के आवागमन में जाँच प्रक्रिया में कडाई
वीरगञ्ज ३१ जेठ ।
पर्सा में भारतीय गाडी सञ्चालन मे कडाई की गई है । नियम विपरीत संचालित भारतीय गाडी के प्रति प्रहरी प्रशासन कठोर बन रहा है ।

भारतीय गाडी काे २४ घण्टा रहने का अनुमति पत्र पाने पर पैसा नही लगता है पर उससे अधिक समय पर रहने पर भसार देने का नियम है जिसका सभी काे पालन करना पडता है । कुछ दिनाें से प्रहरी जाँच में कडाई कर रही है । इसी क्रम में सात गाडी काे नियन्त्रण में लेने की जानकारी जिला प्रहरी कार्यालय पर्सा के प्रमुख प्रहरी उपरीक्षक सोमेन्द्र सिंह राठौर ने दी है।

दैनिक पाँच साै से अधिक भारतीय छाेटी गाडी नेपाल आती है जिसमें लगभग ४०० बिना दर्ता नेपाल आने की बात उन्हाेंने कही ।
इसी तरह लगभग १ हजार मोटरसाइकल का आना जाना हाेता है । दर्ता नही हाेने के कारण लाखाें रुपए का राजस्व घाटा हाे रहा है । दूसरी तरफ कई गाडियाँ अपराधिक काम के लिए प्रयाेग मे लाई जाती है । इसलिए कडाई की जाने की बात प्रहरी उपरीक्षक राठौर ने कही ।
उन्हाेने कहा कि दुख देने के नीयत से यह कडाई नही की गई है । बल्कि खराब नीयत से भारतीय गाडी का प्रयाेग हाे रहा है इसलिए यह कडाई की गई है । ‘नेपाल आयल निगम ने पिछले वर्ष पर्सा के ग्रामीण क्षेत्र के पेट्रोल पम्प में ८० हजार लीटर तेल दिया था, इस वर्ष वैशाख तक में डेढ लाख लिटर खपत हाे चुका है, क्याेंकि भारतीय गाडी दिनभर तेल ले जाने का काम करती है ।
पर पर्सा जिला में वीरगञ्ज भन्सार कार्यालय में ही सिर्फ इन्ट्री और भन्सार कटाने की सुविधा है । ग्रामीण क्षेत्र में छोटी भन्सार हाेने पर भी सुविधा नही है । जिसके कारण सीमावर्ती क्षेत्र से खुल्लम खुल्ला भारतीय गाडी नेपाल आति है । शादी ब्याह के समय में ताे यह अवागमन और भी बढ जाता है।
इस कडाई के बाद स्थानीयाें का मानना है कि इससे शादी ब्याह के समय में मेहमानाें काे असुविधा उठानी हाेगी । इस समस्या काे देखते हुए ऐसे प्रयाेजन के समय में जाँच के क्रम में व्यवहारिक हाेने का अनुराेध किया गया है ।
प्रदेश सभा सदस्य, नेकपा जिला संयोजक प्रभु हजरा, नेपाली काँग्रेस के पर्सा सभापति अजय द्विवेदी, समाजवादी पार्टी नेपाल के सुन्दर कुर्मीलगायत राजनीतिक दल के अगुवा की टोली ने प्रमुख जिला अधिकारी से मुलाकात कर यह आग्रह किया है ।

