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संसद चल रही अवस्था में अध्यादेश लाना लोकतांत्रिक मान्यताओं के विपरीत – भीष्मराज आङ्देम्बे

 

काठमांडू, बैशाख १६ – नेपाली कांग्रेस संसदीय दल के नेता भीष्मराज आङ्देम्बे ने सरकार द्वारा संसद् अधिवेशन को स्थगित कर अध्यादेश के माध्यम से कानून लाने के प्रयास को अलोकतांत्रिक कदम बताया है ।
मंगलवार को एक विज्ञप्ति जारी करते हुए उन्होंने कहा कि लोकतंत्र केवल एक प्रक्रिया नहीं, बल्कि एक प्रवृत्ति भी है । संसद चल रही अवस्था में अध्यादेश लाना लोकतांत्रिक मान्यताओं के विपरीत है ।
आङ्देम्बे का कहना कि सरकार द्वारा दो अध्यादेश जारी करने के लिए राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल के समक्ष प्रस्ताव भेजना गंभीर और दुखद विषय है । उन्होंने कहा कि तत्काल बिना आवश्यकता के अध्यादेश लाना उचित नहीं है। “संविधान में प्रावधान है कि संसद के नहीं चलने की स्थिति में ही अध्यादेश लाया जा सकता है, लेकिन अभी ऐसी कोई आपातकालीन स्थिति नहीं है ।”
उन्होंने प्रमुख प्रतिपक्ष सहित अन्य राजनीतिक दलों से बिना किसी परामर्श के जल्दबाजी में अध्यादेश लाने के प्रयास को “बलपूर्वक राजनीति” और सार्वभौम संसद का अपमान बताया । साथ ही, उन्होंने आरोप लगाया कि अपनी ही पार्टी का बहुमत होते हुए भी संसद के रास्ते को न अपनाना सरकार के प्रति अविश्वास को दर्शाता है ।
आङ्देम्बे ने कहा कि संवैधानिक परिषद से संबंधित विधेयक और सहकारी कानून संशोधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों को संसद में बहस और सहमति के माध्यम से ही समाधान किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जब संसद का अधिवेशन आह्वान हो चुका है, तब उसे स्थगित कर अध्यादेश जारी करना पूरी तरह अनुचित है ।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि लोकतंत्र, जनमत, सार्वभौम संसद और संविधान की भावना की रक्षा के लिए प्रतिपक्ष दृढ़ है और सरकार को रचनात्मक सहयोग देने के लिए कांग्रेस हमेशा तैयार रहेगी ।

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