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नेपाल और भारत में आयुर्वेद की संभावना और चुनौती पर अन्तरक्रिया का आयोजन

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हिमालिनी प्रतिनिधि , बीरगंज, २९ जून २०१९ |  नेपाल और भारत में आयुर्वेद की संभावना और चुनौती पर एक अन्तरक्रिया का आयोजन किया गया | भारतीय महावाणिज्य दूतावास वीरगञ्ज और ब्रम्हभूमि हेल्थ रिसर्च सेन्टर प्रालि सर्लाही के संयुक्त आयोजना में यह कार्यक्रम का आयोजन किया गया |

२८ जून शुक्रवार को वीरगञ्ज में हुये इस अन्तरक्रिया में कहा गया कि नेपाल और भारत आयुर्वेद का केन्द्र है इसकी सम्भाव्यता अध्ययन और सदुपयोग की आवश्यकता है । इस अवसर पर प्रदेश दो के मुख्यमंत्री श्री लालबाबु राउत ने समारोह को सम्बोधन करते हुये आयुर्वेद के विकास पर प्रकाश डाला | अन्तरक्रिया के  उद्घाटन सत्र में महावाणिज्यदूत बीसी प्रधान ने कहा कि प्राचीनकाल से ही उपचार पद्धति में आयुर्वेद का सर्वाधिक महत्व रहा रहा है । महावाणिज्यदूत बीसी प्रधान ने यह भी कहा कि हिमालय क्षेत्र जडिबुटी स्थल रहा है यहाँ आयुर्वेद की विकास की अधिक संभावना है ।

अल इण्डिया इन्स्टीच्युट अफ आयुर्वेद के डीन प्रा. डा पीके प्रजापति ने कहा कि आयुर्वेद की  सम्भावना और उपयोग के लिये नेपाल और भारत के बीच सहकार्य की आवश्यकता है । उन्होंने कहा कि मानव जीवन में आयुर्वेद का उपयोग अभिवृद्धि के लिये रणनीतिक योजना बनाना जरूरी है ।

वाणिज्यदूत विनोदकुमार लोसाली ने आशा व्यक्त करते हुये कहा कि आयुर्वेद के उपयोग और प्रवर्द्धन में यह अन्तरक्रिया बहुत लाभप्रद होगा । कार्यक्रम में आयुर्वेद विज्ञान क्षेत्र में कार्यरत नेपाल और भारत के करीब १०० लोगों की सहभागिता थी ।

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