बीरगंज में मन्त्री लालबाबु पन्डित का पुतला दहन किया गया
रेयाज आलम ,बीरगंज, श्रवण ४ गते शनिवार | लोक सेवा बिज्ञापन, समानुपातिक और समावेशी नहोने के कारण बिरगंज में “आरक्षण बचाओ युवा समुह” द्वारा दूसरे दिन के बिरोध स्वरुप संघीय मामिला तथा सामान्य प्रशासन मन्त्री लालबाबु पन्डित और लोक सेवा आयोग के प्रमुख उमेश मैनाली का पुत्ला दहन किया गया। बिरोध कार्यक्रम में मन्त्री लालबाबु पन्डित मुर्दावाद, उमेश मैनाली मुर्दावाद, असमावेशी बिज्ञापन रद्द कर, संविधान ने दिए ले अधिकार रद्द नहीं कर सकते जैसे नारे लगाए गए।
युवा नेता तथा सामाजिक अभियन्ता ओमप्रकाश सरार्फ के नेतुत्व में हुए बिरोध कार्यक्रम में युवा नेता निखिल वर्णवाल, बद्री तिवारी, विकास तिवारी, चन्दन सहनी, अनिल साह, शेष हजरा, रोशन सिंह, शशि सर्राफ, बिरगंज युवा समाज के अध्यक्ष कमल चौलागाईं , नेपाल आदिवासी जनजाति पत्रकार महासघ पर्सा के सचिव एवं सन्चारकर्मी हेमन्त तामाङ, मुस्लिम युवा नेता शेख मुन्ना, दलित महिला अगुवा निला राम समेत की उपस्थिति रही।
प्रदर्शन के क्रम में प्रहरी द्वारा हस्तक्षेप और प्रदर्शनकारियों द्वारा धक्का-मुक्की हुई। युवा नेता विकास तिवारी ने कहा की प्रहरी हस्तक्षेप लोकतान्त्रीक मुल्य मान्यता विपरीत है और सरकार तानाशाही प्रवृती अपना रही है। युवा नेता निखील वर्णवाल ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा की लोकसेवा विज्ञापन ठीक नहीं करने पर और कड़ा आंदोलन किया जाएगा। युवा नेता बद्री तिवारी ने कहा की जनता के संवैधानिक अधिकार भी कटौति करने के लिए लोकसेवा आयोग उद्दत है इसलिए सभी युवायों को अधिकार रक्षार्थ आन्दोलन में उतरने का आह्वान किया। कार्यक्रम संयोजक ओम प्रकाश सर्राफ ने सरकार और लोकसेवा आयोग ने फिर निरंकुशता लादने और एकल जातिय साम्राज्य थोपने के प्रयाश के कारण लोकतन्त्र और समावेशी पक्षधरो को एकजुट होने का आग्रह किया।






