Wed. Jul 15th, 2020

१९९९ में हमने पकिस्तान के छल को छलनी कर दिया : नरेन्द्र मोदी

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नई दिल्ली | भारत के प्रधानमन्त्री श्री नरेन्द्र मोदी दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में करगिल विजय दिवस से जुड़े कार्यक्रम को संबोधित कर रहे हैं। करगिल युद्ध के 20 साल पूरे होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि, कारगिल विजय के अवसर पर आज हर देशवासी शौर्य और राष्ट्र के समर्पित एक प्रेरणादायक गाथा को स्मरण कर रहा है। आज के अवसर पर मैं उन सभी शूरवीरों को नमन करता हूं, जिन्होंने कारगिल की चोटियों से तिरंगे को उतारने के षड़यंत्र को असफल किया। पीएम मोदी ने कहा कि, युद्ध सरकारें नहीं लड़ा करतीं, युद्ध पूरा देश लड़ता है।

पीएम मोदी ने कहा कि, करगिल में विजय भारत के वीर बेटे, बेटियों के अदम्य साहस की जीत थी। करगिल में विजय भारत के सामर्थ्य और संयम की जीत थी। करगिल में विजय भारत के संकल्पों की जीत थी। करगिल में विजय भारत के मर्यादा और अनुशासन की जीत थी। उन्होंने कहा कि, अपना रक्त बहाकर जिन्होंने सर्वस्व न्यौछावर किया उन शहीदों को, उनको जन्म देने वाली वीर माताओं को भी मैं नमन करता हूं। करगिल सहित जम्मू-कश्मीर के सभी नागरिकों का अभिनंदन, जिन्होंने राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों को निभाया।

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पीएम मोदी ने कहा कि, हमारे सैनिक आने वाली पीढ़ियों के लिए बलिदान करते हैं। मैं उस युद्ध के दौरान भी करगिल गया था। मौत सामने थी लेकिन हमारा हर जवान तिरंगा हाथ में लिए आगे बढ़ रहा था। सरकारें आती जाती रहती हैं लेकिन सैनिक अजर-अमर होते हैं। पाकिस्तान पर हमला बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि, पाकिस्तान से शुरू से ही कश्मीर को लेकर छल किया। पाकिस्तान ने 1965, 1971 और 1999 में छल किया,लेकिन 1999 में पाकिस्तान का छल छलनी हो गया। पाकिस्तान को इस करारे जवाब की उम्मीद नहीं थी। पीएम मोदी ने कहा कि, सैनिक आज के साथ ही आने वाली पीढ़ी के लिए अपना जीवन बलिदान करते हैं। हमारा आने वाला कल सुरक्षित रहे, उसके लिए वो अपना वर्तमान स्वाहा कर देते हैं। सैनिक जिंदगी और मौत में भेद नहीं करते, उनके लिए कर्तव्य ही सब कुछ होता है। बीते पांच वर्षों में सैनिकों और सैनिकों के परिवारों के कल्याण से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। आजादी के बाद दशकों से जिसका इंतजार था उस ‘वन रैंक वन पेंशन’ लागू करने का काम हमारी ही सरकार ने पूर्ण किया।

पीएम ने अपने संबोधन में कहा कि, आज युद्ध का स्वरूप बदल गया है। लड़ाइयां अब साइबर वर्ल्ड में भी लड़ी जाती हैं। इसलिए सेना को आधुनिक बनाना हमारी जरूरत है। जम्मू कश्मीर में अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे लोगों को आरक्षण यह भी इसी कड़ी में लिया गया एक अहम फैसला है। पीएम ने कहा कि, जम्मू कश्मीर में अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे लोगों को आरक्षण यह भी इसी कड़ी में लिया गया एक अहम फैसला है। पीएम मोदी ने कहा कि, वहीं युद्ध में पराजित हुए लोग आतंकवाद को बढ़ावा दे रहे हैं। पीएम ने कहा कि, राष्ट्र की रक्षा सर्वप्रथम है। जहां राष्ट्र की रक्षा की बात होगी, वहां न किसी के दबाव में काम होगा, न किसी के प्रभाव में काम होगा और न ही किसी अभाव में काम होगा। इतिहास गवाह है कि भारत कभी आंक्राता नहीं रहा है। मानवता के हित में शांतिपूर्ण आचरण हमारे संस्कारों में है। हमारा देश इसी नीति पर चला है। भारत में हमारी सेना की छवि देश की रक्षा की है तो विश्व में हम मानवता और शांति के रक्षक भी हैं।

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सैनिकों की प्रशंसा करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि, वर्दी का रंग कोई भी हो लेकिन मकसद और मन एक होता है। करगिल युद्ध के समय अटल जी ने कहा था कि हमारे पड़ोसी को लगता था कि करगिल को लेकर भारत प्रतिरोध करेगा, विरोध प्रकट करेगा और तनाव से दुनिया डर जाएगी। लेकिन हम जवाब देंगे, प्रभावशाली जवाब देंगे उसकी उम्मीद उनको नहीं थी। 1947 में कोई एक जाति या धर्म नहीं बल्कि पूरा देश आजाद हुआ था। संविधान किसी एक जाति या धर्म के लिए नहीं बल्कि पूरे देश के लिए लिखा गया था। वन इन इण्डिया

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