भारतीय साहित्यकार शारिक रब्बानी ने “नेपाल के उर्दू शोरा का तफसीली जायजा” नामक पुस्तक निकाला
नेपालगन्ज,(बाँके) पवन जायसवाल। भारत उत्तर प्रदेश जिला बहराईच नानपारा निवासी वरिष्ठ उर्दू साहित्यकार शारिक रब्बानी ने भारत में रहकर भी नेपाल के बारेमें “ नेपाल के उर्दू शोरा का तफसीली जायजा” नामक पुस्तक निकाला ।
पुस्तक “ नेपाल के उर्दू शोरा का तफसीली जायजा” का विमोचन बि.सं. २०७५ साल फाल्गुन महीने के ४ गते को विश्व भाषाभाषा दिवस २०७५ के उपलक्ष्य में बाँके जिला के नेपालगन्ज स्थित स्वास्तिक काटेज एण्ड रेष्टोरेन्ट में आयोजित ५ नं. प्रदेश स्तरीय भाषिक अन्तक्रिया तथा बहुभाषिक कविगोष्ठी समारोह में विमोचन किया गया था ।
वह समारोह के आयोजक वाङमय प्रतिष्ठान केन्द्रीय समिति, ५नं. प्रदेश कपिलधाम, कपिलवस्तु की ओर से किया गया था ।
भारतीय शायर व वरिष्ठ साहित्यकार शारिक रब्बानी जो अन्जुमन शाहकर –ए– उर्दू उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष भी है । वो भारत और नेपाल दोनों देशों में साहित्यक क्षेत्र में सेवा करते आ रहें हैं । इस लिये वो नेपाल में भी लोकप्रिय रहें हैं ।
उनकी लिखी गई पुस्तक को भारत स्थित उत्तर प्रदेश उर्दू आकादमी उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ भारत के लेखकों द्वारा वर्ष २०१८ में लिखी गई पुस्तकों पर राष्ट्रीय स्तर पर पुस्तकों का चयन कर पुरस्कारों की घोषणा की गई है ।
भारत उत्तर प्रदेश जिला बहराईच नानपारा निवासी वरिष्ठ उर्दू साहित्यकार शारिक रब्बानीद्वारा लिखित “ नेपाल के उर्दू शोरा का तफसीली जायजा” नामक पुस्तक का चयन किया गया है ।
इस हेतु शारिक रब्बानी को राष्ट्रीय अकादमी एवार्ड और नगद राशी भारु. १० हजार रुपये पुरस्कार देने की घोषणा किया गया है ।
वह पुरस्कार घोषणा में उत्तर प्रदेश, दिल्ली, महाराष्ट्र, पश्चिमी बंगाल, बिहार, राजस्थान, तिलगंगा, कर्नाटक, जबमुकश्मिर, हरियाणा, भारखण्ड, लगायत प्रदेश के उर्दू साहित्यकारोंद्वारा लिखित उर्दू पुस्तकों की चयन की गई है जिस में उत्तर प्रदेश की ओर वरिष्ठ उर्दू साहित्यकार शारिक रब्बानीद्वारा लिखित “ नेपाल के उर्दू शोरा का तफसीली जायजा” नामक पुस्तक की चयन किया गया है ।


