Mon. Oct 26th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

सभी पूर्णिमाओं में माघी पूर्णिमा का महत्व अलग

 

 

Image result for imege of magh purnima

माघ पूर्णिमा माघ मास का आखिरी दिन है। इसके अगले दिन से फाल्गुन मास शुरू हो जाएगा।

1. सभी पूर्णिमाओं में माघी पूर्णिमा का महत्व काफी अलग है। माघी पूर्णिमा पर तीर्थ की नदियों में स्नान का महत्व है, खासतौर पर उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के संगम तट पर स्नान का विशेष महत्व है।

2 . यहां माघ में कल्पवास की परंपरा है। एक महीने तक हजारों लोग संगम किनारे रहकर व्रत और रोज संगम में स्नान करते हैं।

यह भी पढें   केशों की छाँव में: आयु, उत्तरदायित्वों और मानव आत्मा की अमूर्त गाथा : इला जायसवाल

3. ग्रंथों में उल्लेख है माघी पूर्णिमा पर संयम से रहना, सुबह स्नान करना एवं व्रत, दान करना आदि नियम बनाए गए हैं।

4. माघ मास की पूर्णिमा पर चंद्रमा मघा नक्षत्र में होता है तथा सिंह राशि में स्थित होता है इसलिए यह मास माघ कहलाता है।

5. ब्रह्मवैवर्त पुराण के अनुसार, माघी पूर्णिमा पर भगवान विष्णु गंगाजल में निवास करते हैं। इसलिए इस दिन गंगाजल में स्नान, आचमन या उसका स्पर्श मात्र भी पुण्य फलदायक होता है।

यह भी पढें   आज का पंचांग: आज दिनांक 24 अक्टुबर 2026 शनिवार शुभसंवत् 2083

6. माघी पूर्णिमा पर देवता भी रूप बदलकर गंगा स्नान के लिए प्रयाग आते हैं। अत: गंगा जल और अधिक पवित्र और शुभदायक हो जाता है। इसलिए इस तिथि का विशेष महत्व धर्म ग्रंथों में बताया गया है।
7.जो व्यक्ति इस दिन प्रयाग में गंगा स्नान करता है, उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है।

8. जो श्रद्धालु तीर्थराज प्रयाग में एक मास तक कल्पवास करते हैं। माघी पूर्णिमा पर उनके व्रत का समापन होता है।

यह भी पढें   नेपाल ने सितंबर में भारत को 592 करोड़ रुपये की बिजली बेची, बांग्लादेश को निर्यात फिर शुरू

9.सभी कल्पवासी माघी पूर्णिमा पर माता गंगा की आरती पूजन करके साधु संन्यासियों और ब्राह्मणों को भोजन कराते हैं। बची हुई सामग्री का दान कर देवी गंगा से फिर बुलाने का निवेदन कर अपने घर जाते हैं।
10. माघ पूर्णिमा पर ब्रह्म मुहूर्त में नदी स्नान करने से रोग दूर होते हैं। इस दिन तिल और कंबल का दान करने से नरक लोक से मुक्ति मिलती है।

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may missed

WP2Social Auto Publish Powered By : XYZScripts.com